होशियारपुर में सीमेंट खरीदने पहुंचे हमलावर, तेजधार हथियारों से बुजुर्ग दुकानदार को काट डाला; इलाके में दहशत
टांडा के लहौरिया मोहल्ले में बुजुर्ग दुकानदार गुलजार सिंह की तेजधार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावर सीमेंट खरीदने के बहाने आए थे।

टांडा में बुजुर्ग दुकानदार गुलजार सिंह की हत्या। फाइल फोटो
HighLights
टांडा में बुजुर्ग दुकानदार गुलजार सिंह की बेरहमी से हत्या
हमलावरों ने सीमेंट खरीदने के बहाने दुकान पर हमला किया
गुलजार सिंह पर पहले भी दो बार जानलेवा हमला हुआ था
जागरण संवाददाता, टांडा उड़मुड़। टांडा के लहौरिया मोहल्ले में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब सीमेंट, बजरी और रेत की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग दुकानदार गुलजार सिंह पुत्र प्रह्लाद सिंह की हमलावरों ने तेजधार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावर सीमेंट खरीदने के बहाने दुकान पर पहुंचे और मौका मिलते ही गुलजार सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात सोमवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर जुट गए। देखते ही देखते पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
पहले भी दो बार बनाया था निशाना
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गुलजार सिंह पर पहले भी दो बार जानलेवा हमला हो चुका था। एक पुराने हमले में आरोपितों ने उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने तक का प्रयास किया था। हालांकि उस समय वह बाल-बाल बच गए थे। इसके बावजूद सोमवार को एक बार फिर उन्हें निशाना बनाया गया और इस बार हमलावर उनकी जान लेने में कामयाब रहे।
गुलजार सिंह अपनी पत्नी के साथ लहौरिया मोहल्ले में रहते थे। उनका एक बेटा विदेश में रहता है। वह लंबे समय से मोहल्ले में दुकान चला रहे थे और स्थानीय लोगों में उनकी पहचान एक बुजुर्ग दुकानदार के रूप में थी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
हत्या की सूचना मिलते ही डीएसपी टांडा दविंदर सिंह बाजवा और थाना टांडा की एसएचओ इंस्पेक्टर अमरजीत कौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके।
पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। बुजुर्ग पर पहले हुए जानलेवा हमलों को देखते हुए पुलिस के लिए यह बिंदु भी अहम माना जा रहा है कि आखिर उन्हें बार-बार कौन निशाना बना रहा था और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या है।
