हजारी लाल, होशियारपुर

मैं पुलिस से बहुत दुखी हूं। क्राइम बढ़ रहा है। मैंने बॉस (मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह) से बात कर ली है। बस, डेढ़ माह और चाहिए। सारी स्क्रीनिग करके पुलिस का सिस्टम ठीक कर दूंगा। यह बात शनिवार को कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने माडल टाउन में शराब कारोबारी सेठ नरेश अग्रवाल के घर पर कही। मंत्री अरोड़ा शुक्रवार रात सवा आठ बजे सेठ अग्रवाल के घर पर हुई फायरिग के मामले की जानकारी लेने गए थे।

फायरिग की घटना से आहत मंत्री अरोड़ा ने सबके सामने पुलिस पर लताड़ लगाते हुए कठोर शब्दावली का प्रयोग किया। उन्होंने लगातार शराब ठेकेदारों ने मांगी जा रही रंगदारी को सोची समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत होने के बावजूद जिला पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। उन्होंने सारे मामले की डीजीपी के भी ध्यान में लाने की बात कही।

अरोड़ा ने रुख साफ करते हुए कहा कि ऐसी प्रथा शुरू होने से तो व्यापारी कारोबार ही नहीं कर पाएंगे। व्यापारी वर्ग न तो सरकार से नौकरी मांगता है और न ही कोई अन्य सुविधाएं। ऊपर से टैक्स भी देता है। फिर उनकी सुरक्षा नहीं की जा रही यह तो चिंता का विषय है।

सेठ अग्रवाल से पचास लाख की मांगी है रंगदारी

शराब कारोबारी सेठ नरेश अग्रवाल से कुछ माह पहले मोबाइल फोन पर पचास लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी मांगने वाला शख्स खुद को लारेंस बिश्नोई बता रहा था। कॉलिग इंटरनेट के माध्यम से हुई थी। इसलिए पुलिस को जड़ तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। रंगदारी मांगने वाले शख्स ने अग्रवाल परिवार के अन्य सदस्यों का नंबर लेकर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी थी। इससे अग्रवाल परिवार सहमा हुआ है। इसी बीच 20 दिसंबर रात घर पर फायरिग करके पुलिस को भी चुनौती दे दी गई। दूसरे दिन भी पुलिस चलाती रही हवा में तीर

शुक्रवार को मॉडल टाउन में सेठ नरेश अग्रवाल के घर पर हुई फायरिग की घटना ने हिलाकर रख दिया है। शुक्रवार रात हुई फायरिग की घटना के बाद एसएसपी गौरव गर्ग मौके पर पहुंचे। एसपी हेडक्वार्टर परमिदर सिंह, एसपी (डी) धर्मवीर सिंह ने करीबन ढाई घंटे तक तमाम पहलुओं से तफ्तीश की, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। शनिवार को भी एसपी परमिंदर सिंह, डीएसपी दसूहा अनिल भनोट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों तक पहुंचाने की कवायद शुरू की। फायरिग करने वाले दो बदमाश सीसीटीवी फुटेज में कैद हैं। मॉडल टाउन पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

ठेकेदार गुरिदर से भी मांगी थी बीस लाख की रंगदारी

करीब चार माह पहले शराब ठेकेदार गुरिदर सिंह से भी मोबाइल फोन पर बीस लाख की रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस को शिकायत की गई थी। मगर, पुलिस ने सिर्फ मामला दर्ज करके अपनी जिम्मेदारियों से इतिश्री कर ली। यह पता लगाने की कोशिश नहीं की गई कि रंगदारी मांगने वाला कौन है। कुछ और भी शराब ठेकेदारों ने रंगदारी मांगी गई है, लेकिन डर के मारे सामने नहीं आ रहे हैं। शराब ठेकेदार ही निशाने पर क्यों?

शहर में सिर्फ शराब कारोबारियों से ही रंगदारी क्यों मांगी जा रही है। जिस तरह से एक के बाद एक शराब ठेकेदारों से रंगदारी मांगी जा रही है, उससे साफ-साफ जाहिर होता है कि कोई घर का भेदी है। वही सारा षड्यंत्र रच रहा है और उसे बेनकाब करने के लिए पुलिस को सर्दी के मौसम में पसीना बहाना होगा, वर्ना शराब ठेकेदारों के माथे से डर का पसीना निकलता रहेगा।

--------------------------------- इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस पूरी मुस्तैदी से हरेक एंगल से जांच कर रही है। जल्द ही यह मसला हल कर लिया जाएगा।

- गौरव गर्ग, एसएसपी।

Posted By: Jagran

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