जागरण संवाददाता, होशियारपुर : पत्नी के किसी दूसरे के साथ प्रेम संबंध होने के शक में पीट-पीट कर उसकी हत्या करने वाले को दोषी करार देते हुए माननीय अतिरिक्त सेशन जज नीलम अरोड़ा की कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उम्रकैद के साथ अदालत ने दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर उसे छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषी की पहचान लखविंदर सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी सिंहपुर चब्बेवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में पत्नी सतविंदर कौर के भाई गुरदीप सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था।

सतविंदर कौर की लखविंदर सिंह के साथ दूसरी शादी हुई थी। सतविंदर कौर का एक बेटा है। लखविंदर को यह शक था कि सतविंदर कौर के किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध है। इसी को लेकर वह अकसर सतविंदर कौर के साथ झगड़ा और मारपीट करता था। इस संबंध में सतविंदर कौर ने अपने मायके वालों को सारी बात बताई थी। जब मायके वालों ने लखविंदर सिंह के पूछताछ की तो वह अपनी गलती मान गया और उसने कहा था कि वह आगे से सतविंदर कौर के साथ मारपीट नहीं करेगा। मायके परिवार वाले यही सोचते रहे कि लखविंदर सिंह सुधर गया है लेकिन उसके मन में पत्‍‌नी के खिलाफ बनी शक की धारणा खत्म नहीं हो रही थी। 16 मार्च 2018 को लखविंदर ने सतविंदर कौर को फिर प्रेम संबंधों के लिए चेताया और कहा कि वह प्रेम संबंध कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। जिस पर सतविंदर कौर ने उसे कहा कि सभी आरोप झूठे हैं, यदि उसे शक है तो वह सिद्ध करे पर लखविंदर के पास कोई सबूत नहीं था। अपने आप को नीचा होता देख लखविंदर चिढ़ गया और उसने सतविंदर कौर को पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के कारण सतविंदर कौर बेसुध हो गई। उसने सतविंदर को बेड पर पटक कर मारा और बेड का एक कोना सतविंदर के सिर में लगा और वह बेहोश हो गई। सिर से खून बहने लगा लेकिन लखविंदर रुका नहीं और उसने पास ही पड़ी टार्च के साथ उसके सिर में वार किया। इससे सतविंदर कौर की मौत हो गई। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया था। सतविंदर की चीखें सुन पड़ोसियों ने किया था मायके फोन

लखविंदर सिंह सतविंदर कौर को पीट रहा था तो सतविंदर के चिलाने का शोर सुनकर पड़ोसियों ने तुरंत इसके बारे में सतविंदर के भाई गुरदीप सिंह पुत्र चरण सिंह निवासी जगतपुरा थाना बलाचौर को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही गुरदीप सिंह सतविंदर के घर पहुंच गया। जहा पर सतविंदर कौर फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थी। पास में ही सतविंदर का बेटा जश्नप्रीत सहमा हुआ बैठा था। गुरप्रीत ने जश्न से पूछा तो डरा सहमा हुआ पहले तो कुछ नहीं बोला पर बाद में उसने बताया था कि कि पापा ने मम्मी को मारा, मम्मी रो रही थी पापा ने उसके सिर में मारा और मम्मी चुप हो गई। वारदात को अंजाम देकर मौके से हो गया था फरार

गुरप्रीत ने इसकी सूचना थाना चब्बेवाल की पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर परिवार वालों को सौंप दिया था। पुलिस ने इस मामले में सतविंदर कौर के भाई गुरप्रीत सिंह के बयान के आधार पर लखविंदर सिंह पर मामला दर्ज कर लिया था, परंतु लखविंदर सिंह मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने जिसको गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। जिस केस की आज हुई सुनवाई के बाद माननीय अतिरिक्त सेशन जज नीलम अरोड़ा की अदालत ने सजा सुनाई है।

Posted By: Jagran

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