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'गाय को काटने की उम्र या फिटनेस तय करना गलत', होशियारपुर में शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने उठाई गोकशी पर बैन की मांग

Published: Mon, 08 Jun 2026 09:01 AM (IST)

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने होशियारपुर में गाय काटने पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है।

होशियारपुर में शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने उठाई गोकशी पर पूर्ण बैन की मांग (फोटो: जागरण)

होशियारपुर में शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने उठाई गोकशी पर पूर्ण बैन की मांग (फोटो: जागरण)

हजारी लाल, होशियारपुर। गाय को काटने की आयु सीमा नहीं तय होनी चाहिए। न ही उसके फिटनेस का मानक हो। गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। यह बात रविवार को होशियारपुर में गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कही।

शंकराचार्य जी पश्चिम बंगाल सरकार के उस फैसले को आड़े हाथ लिया, जिसमें गाय काटने की आयु चौदह वर्ष हो और उसकी फिटनेस भी हो। उन्होंने भाजपा को रडार पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह थे और उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

तब मोदी गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की वकालत करते थे और मोदी पिछले ग्यारह साल से देश के प्रधानमंत्री हैं तो गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने पर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। ऐसा इसलिए कि सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है।

एक सवाल के जवाब में शंकराचार्य जी ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा देना चाहिए ताकि ऐसे फिजूल बातें करने वालों के मुंह बंद हो जाए।
शंकराचार्य जी ने कहा कि गाय माता में देवी देवता का वास होता है।

जब कोई मुसीबत पड़ती है तो देवी देवता गाय के रूप में अवतरित होते हैं।
एक सवाल के जवाब में शंकराचार्य जी ने कहा हिन्दू को ऐसे कदम उठाने की जरूरत है कि कोई भी गरीबी से धर्म परिवर्तन न करे।