हजारी लाल, होशियारपुर : पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की छह सीटों पर कब्जा करने वाले कांग्रेस महारथियों पर इस बार भी हाईकमान ने अपना हाथ रखा है। विधानसभा सीट होशियारपुर, चब्बेवाल, शामचौरासी, उड़मुड़, दसूहा और मुकेरियां से विधायकों को ही चुनाव मैदान में उतारा गया है। दो बार से हार का मुंह देख रही गढ़शंकर सीट पर नए चेहरे को मौका दिया गया है। क्योंकि दो बार चुनाव हार चुके लव कुमार गोल्डी पर दांव लगाने के मूड में हाईकमान बिल्कुल नहीं था। निमिषा मेहता को लेकर माथापच्ची हो रही थी, लेकिन अंत में यूथ नेता अमरप्रीत लाली मोंटू टिकट की बाजी मार गए। टिकट की घोषणा के साथ ही कांग्रेस में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह तो साफ ही था कि विधानसभा चुनाव में विधायकों पर ही हाईकमान दांव लगाएगा, क्योंकि इनके मुकाबले में कद्दावर नेता ही नहीं है। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सात में से छह सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी।

- होशियारपुर: तीसरी बार कांग्रेस की टिकट पर लड़ेंगे अरोड़ा

विधानसभा सीट होशियारपुर से विधायक सुंदर शाम अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतारा है। अरोड़ा कांग्रेस की सीट पर तीसरी बार चुनाव मैदान में होगे। वह लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। यूथ नेता एडवोकेट रोहित जोशी ने भी यहां से दावेदारी की थी, लेकिन पहले ही मालूम था कि अरोड़ा ही चुनावी मैदान में उतरेंगे।

- चब्बेवाल: डा. राज कुमार ठोकेंगे ताल

विधानसभा चब्बेवाल से विधायक डा. राज कुमार भी तीसरी बार चुनाव मैदान होंगे। सन 2012 में डा. राज कुमार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन वह हार गए थे। इसके बाद सन 2017 में भी डा. राज कुमार ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा और रिकार्डतोड़ मतों से जीते थे। डा. राज कुमार तीसरी बार चुनाव मैदान में होंगे।

- शामचौरासी: पवन कुमार आदिया दूसरी बार लड़ेंगे चुनाव

विधानसभा सीट शामचौरासी से विधायक पवन आदिया दूसरी बार चुनाव लड़ेंगे। सन 2017 में आदिया ने इस सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें आदिया ने अपनी राजनीतिक गुगली फेंकते हुए विरोधियों को चित कर चुनावी बाजी मार ली थी। हालांकि इससे पहले आदिया एक बार गढ़दीवाला से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन वह हार गए थे।

-- उड़मुड़: संगत सिंह गिलजियां होंगे मैदान में

विधानसभा सीट उड़मुड़ से कैबिनेट मंत्री संगत सिंह गिलजियां का यह चौथा चुनाव होगा। सन 2007 में गिलजियां ने आजाद चुनाव लड़कर मोर्चा फतेह किया था। सन 2012 में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता था। 2017 में भी कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़कर वह विधायक बने थे। अब वह कांग्रेस की टिकट पर तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे।

- दसूहा: विधायक मिक्की तीसरी बार लड़ेंगे चुनावी जंग

विधासनभा सीट दसूहा से विधायक अरुण डोगरा मिक्की तीसरी बार चुनावी जंग में उतरेंगे। सन 2013 में उप चुनाव में अरुण डोगरा मिक्की ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। इसके बाद हाईकमान ने सन 2017 में उन्हें टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा था। चुनाव में डोगरा विजयी हुए थे। अब वह तीसरी बार चुनाव मैदान में होंगे।

- मुकेरियां: इंदुबाला दूसरी बार आजमाएंगी किस्मत

विधानसभा सीट मुकेरियां से विधायक इंदु बाला दूसरी बार अपनी किस्मत आजामाएंगी। सन 2019 में हुए उप चुनाव में इंदुबाला ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। कड़े मुकाबले में इंदु बाला ने भाजपा प्रत्याशी जंगी लाल महाजन को हराया था। अब, कांग्रेस हाईकमान ने एक बार फिर से इंदु बाला पर ही विश्वास जताया है।

-- गढ़शंकर: लाली मोंटू पहली बार लड़ेंगे विधानसभा का चुनाव

विधानसभा सीट गढ़शंकर पर दो बार कांग्रेस ने हार का मुंह देखा। सन 2012 और 2017 में लव कुमार गोल्डी ने इस सीट से चुनाव लड़ा था। गोल्डी दो बार हार गए थे। पिछली बार निमिषा मेहता इस सीट से दावेदारी जता रही थीं, लेकिन टिकट की बाजी गोल्डी ने मारी थी। इस पर यूथ कांग्रेस होशियारपुर लोकसभा के अध्यक्ष रह चुके अमरप्रीत सिंह मोंटू लाली ने टिकट पर दावेदारी ठोंक दी थी। हाईकमान ने नए चेहरे मोंटू लाली पर विश्वास जताते हुए उन्हें अपना चुनावी घोड़ा बना दिया।

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सोनी और जाखड़ ने लाली का रास्ता किया साफ

लाली को टिकट दिलाने में कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री अंबिका सोनी और पंजाब कांग्रेस चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन सुनील जाखड़ का बहुत बड़ा रोल रहा है। जबकि निमिषा मेहता की हिमायत मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पीपीसीसी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू कर रहे थे, लेकिन लाली टिकट की बाजी मारने में कामयाब रहे।

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कैप्टन की शरण में जा सकते हैं गोल्डी

तीसरी बार टिकट न देकर कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व विधायक लव कुमार गोल्डी के राजनीतिक करियर पर फुल स्टाप लगाने का काम किया है। इससे साफ है कि कांग्रेस में अब उनका राजनीतिक भविष्य नहीं है। ऐसे में अब वह पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह की शरण में जा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो उन्हें पहली बार विधायक बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने अहम भूमिका अदा की थी। सन 2004 में भाजपा के अविनाश राय खन्ना के विधायक से सांसद बनने के बाद गढ़शंकर में उप चुनाव हुआ था। कैप्टन के आशीर्वाद से गोल्डी को कांग्रेस की टिकट मिली थी और वह उप चुनाव जीत कर विधायक बने थे। फिर, गोल्डी को सन 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट मिली थी। इस बार भी गोल्डी जीते थे। अब कांग्रेस से पत्ता साफ होने पर कैप्टन के साथ गोल्डी की नजदीकियां बढ़ सकती हैं।

Edited By: Jagran