जागरण टीम, होशियारपुर : नगर निगम होशियारपुर के सफाई सेवक मांगों को लेकर 15 दिन से हड़ताल पर हैं। सफाई न होने के कारण शहर में हर तरफ गंदगी का आलम है। चौक, गली, मोहल्ला, सड़क या फिर बाजार हर जगह कचरा ही दिखता है क्योंकि सफाई नहीं हो रही। बुधवार को हुई बारिश ने बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ा दिया है। कारण, कूड़ा गीला होने से सड़ेगा और इसमें कीटाणु के साथ मक्खी-मच्छर जन्म लेंगे, यहीं बीमारियों को दावत देंगे। अगर यूं कहें कि महामारी फैल सकती है तो शायद कुछ गलत नहीं होगा। राज्य सरकार को इस समस्या का समाधान करना ही होगा। बुधवार को पड़ताल करने पर मालूम पड़ा कि कूड़े के डंप पूरी तरह से भर चुके हैं। अब तो कूड़ा बाहर आने लगा है। घंटाघर चौक के इर्दगिर्द, भगवान वाल्मीकि चौक के पास, होशियारपुर-जालंधर रोड, सुतहैरी रोड, रोशन रोड, शिमला से ऊना रोड, प्रेमगढ़ रोड, दशहरा ग्राउंड, सब्जी मंडियां, भगी चोअ पुल सहित हर जगह पर सफाई सेवकों की हड़ताल से गंदगी का बोलबाला है। झाडू न फिरने से कूड़े से दुर्गंध उठने लगी है। सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान करनजोत सागर आदिया ने बताया कि सरकार ने पिछले विधानसभा चुनाव में नगर निगम कर्मचारियों से वादाखिलाफी की है। मांगें न मानने तक सफाई कर्मी हड़ताल पर डटे रहेंगे। इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। कोरोना वायरस में ड्यूटी देने वाले डाक्टरों, पुलिस कर्मचारियों यहां तक कि वालंटियरों के रूप में काम करने वाले वर्करों को भी सम्मान दिया गया है मगर किसी भी सफाई कर्मचारी की हौसला अफजाई नहीं की गई। इन मांगों पर उबाल

-नगर निगम के कच्चे सफाई सेवकों को पक्का किया जाए।

-डीए की हर किस्त जारी करने की वकालत।

-पे स्केल जल्द जारी हो। मसला सुलझाने की कोशिश कर रही है सरकार : मेयर

नगर निगम के मेयर सुरिदर शिदा ने कहा कि अगर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जिला स्तरीय होती तो अब तक कोई न कोई हल निकल जाना था, मगर यह हड़ताल पूरे राज्य की है जिसका फैसला तो सरकार ने ही करना है। शहर का हाल देखकर दुख हो रहा है, पर किया भी क्या जा सकता है। शाम को चंडीगढ़ में बैठक बुलाई गई है। यह हो सकती हैं बीमारियां

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. राजिदर कुमार शर्मा ने कहा कि चारों तरफ कूड़ा फैला है। बरसात होने से समस्या और ज्यादा गंभीर हो गई है क्योंकि इस वजह से कई प्रकार के बैक्टीरिया पैदा होंगे। इस कारण हैजा, टाइफाइड, पीलिया, मलेरिया और चमड़ी के रोग होने का खतरा बढ़ गया है। सांस लेने में तकलीफ भी बढ़ सकती है।

फैक्ट फाइल

आबादी- 1.67 लाख।

वार्ड-50

सफाई कर्मियों की स्वीकृत पोस्ट- 450

पक्के सफाई कर्मी- 218

डीसी रेट सफाई कर्मी- 122

कच्चे सफाई कर्मी- 103

आवश्यकता- 750

Edited By: Jagran