संवाद सहयोगी, होशियारपुर : एनपीए को लेकर गुस्साए पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस (पीसीएमएस) एसोसिएशन ने सोमवार को पंजाब स्टेट और संयुक्त एक्शन कमेटी के आहवान पर सिविल सर्जन कार्यालय को तीन दिन के लिए ताला लगाकर पूर्ण रूप से बंद कर दिया। यही नहीं, कामकाज ठप करके सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जिले के सभी सीनियर व जूनियर मेडिकल अफसर मौजूद रहे।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पीसीएमएस एसोसिएशन के प्रधान डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि छठे वेतन आयोग की आड़ में पंजाब सरकार की ओर से एनपीए पर डाका मारने की कोशिश की गई है जिसे एसोसिएशन की तरफ से किसी भी कीमत पर पूरा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डाक्टरों ने कोरोना वायरस के दौरान परिवार की भी परवाह नहीं करते हुए जान जोखिम में डाल कर मरीजों की सेवा की है और यहां तक कि कुछ डाक्टरों ने अपनी जान तक भी दे दी, फिर भी सरकार की ओर से सम्मान के बजाय बड़ा मजाक किया गया। उनकी लड़ाई सरकार के साथ है, आम पब्लिक से नहीं। उन्होंने बताया कि एनपीए 25 से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। ऐसा करके पंजाब और केंद्र सरकार पब्लिक हेल्थ सिस्टम को बर्बाद कर इसे प्राइवेट हाथों में देना चाहती है।

पांच को परिवार भलाई कार्यालय चंडीगढ़ में धरना लगाने का एलान

प्रेस सचिव डा. राजकुमार ने कहा कि अगर सरकार ने अपना फैसला जल्द वापस नहीं लिया तो पांच अगस्त को डायरेक्टर सहित और परिवार भलाई कार्यालय चंडीगढ़ में धरना लगाकर काम ठप किया जाएगा। इस अवसर पर जिला परिवार भलाई अफसर डा. सुनील अहीर, सीनियर मेडिकल अफसर हरदीप सिंह, सीनियर मेडिकल अफसर परमजीत सिंह, डा. जसविदर सिंह, डा. संदीप डिमाना, डा. पवन कुमार, सीमा गर्ग, हरबंस कौर, स्वाति, जसवंत, प्रदीप भाटिया, डा. बलदेव सिंह, दविदर पाल, गुरबख्श सिंह, लशकर सिंह के साथ सिविल अस्पताल का स्टाफ मौजूद था।

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