संवाद सहयोगी, गढ़शंकर : खालसा कालेज में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना की आरे से कृषि विज्ञान केंद्र होशियारपुर ने धान की पराली को आग न लगाने का लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस मौके पर विद्यार्थियों को धान की पराली को आग न लगाने संबंधी लेख रचना, भाषण पेंटिग के मुकाबले करवाए गए। सेमिनार में कालेज के प्रिंसिपल डा. बलजीत सिंह खैहरा ने पहुंचे माहिरों का स्वागत करते हुए पराली की संभाल व प्रदूषित हो रहे वातावरण की गंभीर समस्या के समाधान के लिए सभी को एकजुट होकर काम करने के लिए प्रेरित किया। सेमिनार के मुख्य प्रवक्ता कृषि विज्ञान केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर ट्रेनिंग डा. मनिद्र सिंह बैंस ने कहा कि अब पराली को जलाने की बजाए नई तकनीक से गलाने के लिए उपयोग करना चाहिए। डा. बैंस ने पराली को आग लगाने से मनुष्य की सेहत व वातावरण पर पड़ रहे बुरे प्रभाव के बारे में जागरूक किया।

इस मौके पर विशेष अतिथि के रूप में आ कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद्र ने सरकार द्वारा पराली न जलाने के लिए चलाई जा रही मुहिम की जानकारी दी। इस समय विधार्थियों के करवाए गए मुकाबलों में लेख लिखने के मुकावले में ईशा शर्मा ने पहला, मुसकान ने दूसरा व खुशी शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। पेंटिंग मुकाबले में एकता धीमान ने पहला, जतिन कुमार कैंथ में दूसरा, शालिनी ने तीसरा, भाषण मुकावले में आकाशदीप सिंह ने पहला, जसलीन सैनी ने दूसरा व जसवीर कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रोग्राम का संचालन जीव विज्ञान की प्रमुख डा. मनबीर कौर ने किया। इस समय प्रो. संघा गुरबख्श कौर ने पहुंचे हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया। इस दौरान पराली को आग ना लगाने के लिए जागरूकता रैली भी निकाली गई। कृषि विकास अफसर डा. संदीप सैनी, डा. कनवर सिंह ढिल्लों, सुनीता प्रोग्राम सहायक आदि मौजूद थे।

Edited By: Jagran