जागरण टीम, होशियारपुर, तलवाड़ा: ऑनलाइन शॉपिग होशियारपुर के एक व्यक्ति को महंगी पड़ गई। शॉपिग के चक्कर में नौसरबाजों ने शॉपिग करने वाले व्यक्ति को 52.80 लाख रुपये का चूना लगा दिया। ठगी का शिकार दो साल तक पुलिस के पास इंसाफ के लिए चक्कर काटता रहा लेकिन पुलिस की जांच के चक्कर में मामला लेट होता चला गया। पीड़ित के दो साल के संघर्ष के बाद आखिरकार तलवाड़ा पुलिस ने ठगी के मामले में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने यह मामला अलोक मोहंती, संजीव गुप्ता, कृष्णा आर मूर्ति, केदार गुप्ता, भरत राय व सुदाम हुसैन नजदीक टैलको कंपनी कॉलोनी हंस स्टोर रोड, जमशेदपुर झारखंड के खिलाफ दर्ज किया है।

आरोपितों ने पीड़ित को इस तरह मीठी बातों फंसाया कि उसे पता ही नहीं चला कि वह कब ठगी का शिकार हो गया। जब-तक उसे इसका एहसास हुआ तब-तक वह 52 लाख रुपये गंवा चुका था। हालात यह हो गए कि पीड़ित इंसाफ के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटता-काटता डिप्रेशन में चला गया और उसने चंडीगढ़ डीआइजी के दफ्तर में पेश होकर सारी घटना के बारे में जानकारी दी। दो साल बाद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। मामला दर्ज होने के करीब पहुंचता तो ईओ का तबादला हो जाता

पीड़ित का कहना है कि उसने सबसे पहले ईओ विग होशियारपुर में दो साल पहले शिकायत दी थी, लेकिन जब भी मामला दर्ज होने के करीब पहुंचता या तो जांच अधिकारी की पदोन्नित हो जाती या फिर तबादला। उसके बाद नया अधिकारी आता और जांच दोबारा से शुरू हो जाती। ऐसा करते हुए मामला दर्ज करने में ही दो साल बीत गए। ऐसे शुरू हुआ नौसरबाजों का खेल

पीड़ित ने बताया कि उसने 17 जून 2017 को ऑनलाइन शॉपिग कर कुछ सामान मंगवाया था। पेमेंट भी ऑनलाइन ही कर दी गई। इसके बाद उसे फोन आया कि वह उस कंपनी में काम करते हैं, जिस कंपनी से उसने सामान मंगवाया था। उन्होंने पता पूछा और कहा कि आपको बधाई हो, जब आप ने सामान खरीदा था, तब कंपनी की ऑफर चल रही थी जिसमें उनका नाम लक्की ड्रॉ में आया है। कंपनी की तरफ से उनकी टाटा सफारी कार निकली है, जोकि 25 लाख रुपये की है। पहले तो उसे विश्वास नहीं हुआ और उसने फोन काट दिया, लेकिन एक बार फिर फोन आया और फोन पर उन्होंने उसे ऐसे बात की जैसे वह उसे पहले से ही जानते हैं। आरोपितों ने कहा कि आपकी गाड़ी की डिलीवरी कहां पर करनी है। कंपनी के ऑफर में उनका इनाम निकला है। उसे कुछ विश्वास तो हो गया परंतु उसने टाल दिया कि वह गाड़ी नहीं लेना चाहता। इस पर उन्होंने कहा कि इनाम किस्मत से निकलता है। आप गाड़ी नहीं लेना चाहते तो कंपनी आपको कैश दे देगी। बस उसी चक्कर में वह फंस गया और नौसरबाजों ने अपना पैंतरा खेल दिया।

कार की बजाय कैश में हुई सेटिग

पीड़ित ने बताया कि उसने जब कार लेने से मना किया तो इस दौरान उन्होंने नंबर बदल-बदल कर उसे फोन करना शुरू कर दिया और कैश लेने के लिए मना लिया। पहले तो वह माना नहीं, लेकिन बाद में उसके मान जाने पर उन्होंने उसके प्रोसेसिग के लिए पैसों की डिमांड कर दी और एक खाता नंबर दे दिया। उन्होंने कहा कि यह खाता कंपनी का है यह प्रोसेसिग फीस है टैक्स आदी काटने के बाद कैश उनके खाते में डाल दिया जाएगा। एक-एक करके आरोपितों ने पीड़ित के अलग-अलग खातों में एक के बाद एक करके कुल 52 लाख रुपये डलवा लिए, परंतु न तो कैश वापस मिला और न ही गाड़ी।

पुलिस की जांच के चक्कर में लुट गए कुछ पैसे

आरोपितों ने जब उससे काफी पैसे ठग लिए तो उसने आखिरकार शिकायत होशियारपुर के ईओ विग में दर्ज करवा दी। ईओ विग ने मामले की जांच शुरू कर दी। जब जांच किसी परिणाम पर पहुंच पाती, अधिकारी का तबादला हो जाता और नया अधिकारी जांच शुरू कर देता। ईओ विग ने उसे यह कहा था कि वह आरोपितों से संपर्क रखे ताकि आरोपितों की लोकेशन का पता चल सके। जब भी आरोपित उससे संपर्क करते तो वह तुरंत ईओ विग को सूचना देता और ईओ विग से जवाब मिलता कि जांच चल रही है, संपर्क रखो। इसी चक्कर में उसे आरोपितों के खाते में पैसे डलवाने पड़ते। पीड़ित ने बताया कि जांच के चक्कर में ही उसने लगभग दस लाख रुपये के करीब पैसे लूटा दिए। और पहले पैसे वापिस पाने के चक्कर में अब-तक 52 लाख रुपये लुटा चुका है।

कौन-कौन से खातों में कितने पैसे डलवाए

आरोपित खाता संख्या खाते में डाले रुपये

संतोष कुमार 20405279052 2015000 रुपये

संजय गुप्ता 20405279041 219800 रुपये

कृष्णा आर 20433194062 660000 रुपये

केदार गुप्ता 5111169571 636767.65 रुपये

भरत राय 10757674996 194800 रुपये

सदाम हुसैन 20152280700 1553853.93 रुपये

Posted By: Jagran

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