संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : जिले में बारदाने का संकट आने और बारिश की वजह से फसल में नमी बढ़ जाने से अनाज मंडियों में एजेंसियों ने गेहूं की खरीद बंद कर दी है। डीसी को मांगपत्र सौंपकर बारदाने की कमी को दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर विभिन्न खरीद एजेंसियों का स्टाफ हड़ताल पर बैठ गया है। उधर खरीद बंद होने से मंडियों में गेहूं लेकर आए किसान काफी परेशान दिखाई दिए। एक तरफ किसानों को बारिश की मार पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मंडियों में गेहूं की खरीद बंद होने से किसान दुविधा में फंस गए हैं।

हालांकि मंडीकरण बोर्ड के अधिकारियों व डीसी मोहम्मद इशफाक का कहना है कि बारदाना की कमी को जल्द दूर किया जाएगा। पिछले साल भी खरीद एजेंसियों ने अपनी मांगों को लेकर डीसी को अवगत करवाया गया था। हालांकि पिछले साल तो हड़ताल नहीं की गई, मगर इस बार एजेंसियां हड़ताल पर बैठ गई हैं। जो भी हो एजेंसियों और सरकार की जंग में किसान पिस रहे हैं। जिले की अनाज मंडियों में लिफ्टिग का काम ना होने के चलते गेहूं के अंबार लग गए हैं। गुरदासपुर, बहरामपुर, दीनानगर, बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां, कलानौर, काहनूवान सहित अन्य अनाज मंडियों में गेहूं की लिफ्टिग नहीं हो रही। खरीद के 11 दिनों बाद बारदाना खत्म

जिले में गेहूं की खरीद के लिए 130 अनाज मंडियां स्थापित की गई हैं। इनमें 95 रेगुलर, एक टैंपरेंरी व 34 खरीद केंद्र राइस मिलों में बनाए गए हैं। गेहूं खरीद के 11 दिनों बाद ही अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद प्रबंधों के अभाव के चलते बंद हो गई है। हालांकि गेहूं खरीद के तीन दिनों बाद 13 अप्रैल को जिले में गेहूं खरीद की शुरुआत की गई थी। अगर सीधे तौर पर देखा जाए तो गेहूं खरीद शुरू हुए को अभी आठ दिन ही हुए हैं। एजेंसियों के अधिकारियों ने डीसी को सौंपा मांगपत्र

खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों राजेश, सचिन सियाल, विशाल,नरेश, मेजर, मनदीप सिंह ने अन्य साथियों के साथ डीसी मोहम्मद इशफाक को मांगपत्र सौंपते हुए कहा कि मंडियों में बारदाना पूरी तरह से खत्म हो गया है। अब गेहूं को कैसे स्टोरेज करें। वहीं पिछले कुछ दिनों से बारिश होने से गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इस कारण गेहूं को खरीद कर स्टोरेज करना काफी मुश्किल है। मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन भी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। ऐसे में मंडियों में आने वाली गेहूं की क्वालिटी और ज्यादा खराब हो सकती है। इन हालात में मंडियों में गेहूं की खरीद नहीं की जा सकती और नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण गेहूं स्टोरेज नहीं हो सकती। उन्होंने डीसी के समक्ष मांग रखी कि बारदाने की जल्द कमी दूर की जाए। 42

किसानों को दोहरी मार

किसान मोहर सिंह ने कहा कि बारिश की वजह से पहले ही गेहूं काफी खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में अनाज मंडी में गेहूं खरीद का बंद हो जाना किसानों के लिए दोहरी मार है। संबंधित विभाग मंडियों में बारदाने की उपलब्धता जल्द करवाए। वैसे तो जिला प्रशासन मंडियों में गेहूं खरीद के सभी प्रबंध मुकम्मल किए जाने का दावा करता रहा है। मगर अब क्या हो गया। अभी तो कुछ दिन ही हुए हैं गेहूं खरीद शुरू हुई को। उसे गेहूं की फसल काटकर रख ली है और मंडी में जाने की प्लानिग थी। लेकिन गेहूं खरीद बंद होने के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। डीसी बोले-एजेंसियों की समस्या को करेंगे दूर

डीसी मोहम्मद इशफाक ने कहा कि जिले के मंडियों में बारदाना की कमी को लेकर सरकार को बोल दिया गया है। तुरंत ही बारदाना मंडी में पहुंचा दिया जाएगा। मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

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