जेएनएन, बटाला (गुरदासपुर)। बटाला पुलिस ने पंजाब में खालिस्तानी और अलगाववाद की आग को भड़काने के लिए भर्ती किए गए दो युवकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपितों से हथियार और खालिस्तानी प्रचार सामग्री बरामद की गई है। पकड़ा गया एक आरोपित टेरिटोरियल सेना का जवान बताया गया है, जो कि अभी दिल्ली में तैनात है।

आरोपितों से पूछताछ के बाद उन्हें हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों से खुलासा हुआ है कि सिख फॉर जस्टिस का इरादा छह जून को घल्लूघारा दिवस (आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी) के आसपास पंजाबभर के शराब के ठेकों में आग लगाने और हिंदू-सिख एकता को तोड़ने के लिए हिंसक वारदातों को अंजाम देने का था।

आइजी बार्डर रेंज एसपीएस परमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपित विदेशों में बैठे सिख फॉर जस्टिस के नेताओं के इशारे पर पंजाब के अंदर हिंसक गतिविधियां फैलाने के लिए भर्ती किए गए हैं। पुलिस ने खालिस्तानी समर्थक धर्मेंद्र सिंह उर्फ कमांडो निवासी हरपुरा धंधोई, बटाला और उसके साथी कृपाल सिंह वासी फतेहपुर नयाङ्क्षपड, तरनतारन को धर्मेंद्र के ही घर से गिरफ्तार किया है।

दोनों से दो रिवाल्वर, खालिस्तानी प्रचार सामग्री और सिख फॉर जस्टिस संस्था के रेफरेंडम 20-20 की प्रचार सामग्री बरामद हुई है। आइजी ने बताया कि दोनों आरोपितों का काम हिंसा फैलाने के अलावा अन्य लोगों को भर्ती करने का था। अब यह चेक किया जाएगा कि दिल्ली, पंजाब सहित अन्य राज्यों में कितने लोगों की भर्ती आरोपितों ने की है।

पकड़ा गया एक आरोपी सेना की भी ले चुका है ट्रेनिंग

आइजी ने बताया कि धर्मेंद्र सिंह उर्फ कमांडो टेरिटोरियल आर्मी की यूनिट 105 टीए राजपूताना राइफल का जवान है और उसने 9 महीने आर्मी में हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली हुई है। इस समय वह दिल्ली में तैनात था। धर्मेंद्र ने बताया कि उसे रविंदर सिंह उर्फ राजा निवासी दौलतपुरा, कादियां ने दो पिस्तौल मुहैया करवाए थे। इनमें से एक पिस्तौल उसने कृपाल को दे दिया। धर्मेंद्र की निशानदेही पर रविंदर उर्फ राजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपित दो शराब ठेकों को लगा चुके हैं आग

आइजी ने बताया कि धर्मेंद्र सिंह और कृपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि विदेशों में बैठे सिख फॉर जस्टिस के नेताओं के इशारे पर वह हरपुरा धंधोई और पंजगराई गांव स्थित शराब के ठेकों को आग लगा चुके हैं। दोनों का लक्ष्य तो ठेके में आग लगाकर अंदर सोए ठेकों के काङ्क्षरदे को मारने का था, लेकिन वो पूरा नहीं हो सका।

विदेशों से फंडिंग करने वालों पर जांच के बाद दर्ज होगा केस

आइजी ने बताया कि आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें अलगाववादी गतिविधियों और हिंसक वारदातों के लिए विदेश में बैठे सिख फॉर जस्टिस के लीगल एडवाइजर गुरपतवंत सिंह पन्नू, पमरजीत सिंह मान निवासी यूके, मान सिंह यूके और दीप कौर निवासी मलेशिया से फंडिंग होती थी। 

आइजी ने कहा कि चाहे कि सिख फॉर जस्टिस संस्था के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू कहते आ रहे हैं कि उनकी संस्था का हिंसक गतिविधियों में कोई हाथ नहीं, लेकिन पकड़े गए युवकों ने उनके दावों के उलट खुलासे किए हैं। इस अवसर पर एसएसपी बटाला उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने कहा कि विदेशी फंडिंग की जांच की जाएगी, जिसके बाद केस दर्ज किया जाएगा।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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