संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : 14 सितंबर 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहादत का जाम पीने वाले अशोक चक्र विजेता फायरमैन चमन लाल का 54वां श्रद्धांजलि समारोह शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविदर सिंह विक्की की अध्यक्षता में शहीद के सीमावर्ती पैतृक गांव हैबत पिडी में शहीद के नाम पर बने सरकारी हाई स्कूल आयोजित किया गया। जिसमें अशोक चक्र विजेता शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह के पिता कैप्टन जोगिदर सिंह बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। इससे पहले गुरदासपुर रेलवे स्टेशन जहां पर शहीद के नाम पर स्मारक बना है पर भी एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य मेहमान डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर विपुल उज्जवल शामिल हुए। इनके अलावा शहीद की पत्नी आशा रानी, जिला प्लानिग बोर्ड की पूर्व चेयरपर्सन नीलम महंत, शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह अशोक चक्र के पिता कैप्टन जोगिदर सिंह, शहीद सिपाही जतिदर कुमार के पिता राजेश कुमार, शहीद सिपाही मक्खन सिंह के पिता हंस राज, समाज सेवक दिनेश छाबड़ा, स्टेशन सुपरिटेंडेंट शशी मोहन आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर ब्लाक समिति के चेयरमैन राजकुमार सिहोड़ा, सूबेदार शक्ति पठानिया, कुलजीत सैनी, गुरदीप चंद, सरपंच पूर्ण चंद, मास्टर राहुल वर्मा, मास्टर राजेश कुमार, सरपंच सुरेंद्र सिंह, अनीता, राकेश कुमार, मोहित कुमार, हवलदार सरबन कुमार आदि उपस्थित थे। युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं शहीद : डीसी

डीसी विपुल उज्जवल ने कहा कि अशोक चक्र विजेता फायरमैन चमन लाल की शहादत की गरिमा को धूमिल नहीं होने दिया जाएगा तथा इस स्मारक को और भी भव्य बनाने के लिए वह रेलवे विभाग के डीआरएम को पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि सिविल में अब तक 15 लोगों को अशोक चक्र मिला है जिनमें चमन लाल भी शामिल हैं। ऐसे शूरवीरों का बलिदान भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। देश का गौरव हैं शहीद: नीलम महंत

जिला प्लानिग बोर्ड की पूर्व चेयरपर्सन नीलम महंत ने कहा कि शहीद चमन लाल जैसे जांबाज देश के गौरव हैं जिन्होंने देश के आने वाले कल के लिए अपना आज कुर्बान कर देशभक्ति की मिसाल कायम की।

नहीं आए डीआरएम : कुंवर विक्की

परिषद के महासचिव कुंवर रविदर विक्की ने कहा कि सरकार और रेलवे विभाग ने भी उनकी शहादत को भुला दिया तथा शहीद के बेटे को नौकरी नहीं दी गई। अन्य घोषणाएं भी पूरी नहीं की गई। डीआरएम निमंत्रण देने पर भी समारोह में नहीं पहुंचे। नहीं भुला सकते शहादत : कैप्टन जोगिदर

कैप्टन जोगिदर सिंह ने कहा कि वो रूह पवित्र होती हैं जिन्हें वतन पर कुर्बान होने का सौभाग्य मिलता है तथा शहादत का जज्बा परिवारिक संस्कारों से पैदा होता है। शहीदों की शहादत कभी भुलाई नहीं जा सकती।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!