संवाद सूत्र, धारीवाल : सीआरपीएफ की 12 बटालियन के शहीद कांस्टेबल रंधीर सिंह का 11वां श्रद्धांजलि समारोह शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह अशोक चक्र की अध्यक्षता में गांव फज्जूपुर में शहीद के निवास स्थान पर आयोजित किया गया। इसमें शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविदर सिंह विक्की बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। इनके अलावा शहीद के पिता सुखविदर सिंह, भाई बलवीर सिंह, बहनें दमनवीर व अरुणवीर, पुलवामा हमले के शहीद कांस्टेबल मनिदर सिंह के पिता सतपाल अत्तरी, शहीद सिपाही जतिदर कुमार के पिता राजेश कुमार, शहीद सिपाही मनदीप कुमार के पिता नानक चंद, समाज सेवक इंद्रजीत सिंह बाजवा आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सर्वप्रथम मुख्यातिथि व अन्य मेहमानों ने शहीद के चित्र समक्ष ज्योति प्रज्जवलित व पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का आगाज किया।

मुख्यातिथि कुंवर रविदर सिंह विक्की ने कहा कि सदियों की गुलामी के बाद देश को जो आजादी मिली, उसके पीछे कुर्बानियों का लंबा इतिहास रहा है। उस आजादी की गरिमा को बहाल रखने के लिए शहीद कांस्टेबल रंधीर सिंह जैसे जांबाज आज भी अपने बलिदान देकर इस देश की एकता व अखंडता को बरकरार रख रहे हैं। इस मौके पर परिषद की ओर से शहीद के परिजनों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर सैमल डे, नरेश कुमार चीनी, हरविदर कुमार, तरलोक कुमार, मुनीष कुमार व नीशू कुमार आदि उपस्थित थे। आत्म बलिदान है सबसे बड़ा दान : कैप्टन जोगिदर

शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह के पिता कैप्टन जोगिदर सिंह ने कहा कि दुनिया में कई तरह के दान हैं, मगर आत्म बलिदान सबसे बड़ा दान है। जो सैनिक अपना सर्वस्व देश की बलिवेदी पर कुर्बान कर देता है, उसका भारतीय सेना में भर्ती होने का सपना साकार हो जाता है।

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