रवि मेहरा, गुरदासपुर : प्रशासनिक अधिकारी अगर समय रहते टूटी सड़कों की तरफ ध्यान दें तो सड़कें सही रह सकती हैं। अफसोस की बात यह है कि टूटने के बावजूद भी अधिकारी सड़कों पर ध्यान नहीं देते। इसके के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनों में होती है, जब गढ्डों में पानी भरा रहता है और वाहन चालक को गढ्डे में भरा पानी का लेवल दिखाई नहीं देता और एकाएक हादसा हो जाता है। इसके बाद ही प्रशासनिक अधिकारी जागते हैं और गढ्डे भरवाने का काम करवाते हैं। सड़कों पर गढ्डों से जनता बहुत परेशान हो चुकी है।

अधिकारी खुद भी गुजरते हैं सड़कों से : अश्विनी

गुरदासपुर निवासी अश्वनी का कहना है कि अधिकारी खुद भी इन्हीं सड़कों से गुजरते हैं। ऐसे में उन्हें खुद देखना चाहिए कि कहा पर गढ्डे हैं। लोग अखबारों में खबरें लगवाकर अधिकारियों तक अपनी सुनवाई करवाते हैं लेकिन अधिकारियों को खुद ही इस तरफ ध्यान देना चाहिए।

पानी खड़ा रहने से टूटती है सड़कें : तेजिंदर सिंह

बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी खड़ा होने से सड़कें टूट जाती हैं। अगर बारिश का पानी सड़कों पर जमा न हो तो सड़कें लंबे समय तक सही रह सकती हैं। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। पानी रुकने का कारण तलाशना चाहिए ताकि पानी जमा न हो और सड़कें सही रहे।

डाकखाना चौक पर होते हैं हादसे : गुरविंदर वालिया

सिटी निवासी गुरड्क्षवदर ड्क्षसह का कहना है कि डाकखाना चौक में कुछ दिन से गहरे गढ्डे बने हुए हैं। इसके बारे में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भलीभाति परिचित हैं, किसी ने गढ्डों को भरने की जहमत नहीं दिखाई। गुरदासपुर के विधायक को इन अधिकारियों को तुरंत आदेश देकर गढ्डों का पैच वर्क करवाना चाहिए।

लगातार होते हैं हादसे : सुमित रबोतरा

सिटी की सड़कों पर अगर अधिकारी ध्यान देने लगे तो शहर स्वर्ग बन सकता है। लापरवाही की वजह से ही हादसे होते हैं। ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिन अधिकारियों पर सड़कों को ठीक करवाने का जिम्मा है, उन्हें अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभानी चाहिए।

Posted By: Jagran

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