संवाद सहयोगी, दीनानगर : गर्मी की छुट्टी समाप्त होने के बाद सोमवार को खुले स्कूलों में रौनक छा गई। हालांकि मौसम खराब होने के चलते बच्चों की संख्या में जरूर थोड़ी कमी देखी गई, लेकिन फिर भी सुबह स्कूल खुलने व दोपहर को छुट्टी के बाद सड़कों पर भी काफी भीड़ रही। सुबह बच्चे अपने परिजनों के साथ स्कूल जाते दिखाई दिए। सोमवार को महीने भर बाद स्कूल खुलते ही स्कूलों में भीड़-भाड़ दिखाई दी। सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने की जिम्मेदारी निभाते दिखे। बस स्टाप पर भी सुबह स्कूली बच्चों की भीड़ नजर आई। कई दिनों से सूने पड़े स्कूलों में छात्रों के आने के कारण चहल-पहल बढ़ गई और अलग ही रौनक नजर आई। स्कूलों में बच्चों ने गर्मी छुट्टी के दौरान बिताए गए दिनों की यादें अपने सहपाठियों के साथ ताजा करते दिखाई दिए। कई विद्यार्थी अपने साथियों को बता रहे थे कि उन्होंने गर्मी की छुट्टियों में पहाड़ी क्षेत्रों का भ्रमण किया, जहां का मौसम बहुत अच्छा होने के कारण गर्मी का कोई एहसास नहीं हुआ। वहीं कई बच्चे अपना होम वर्क पूरा नहीं होने पर परेशान भी नजर आए। उन्हें अध्यापकों द्वारा सजा दिए जाने का डर सता रहा था। दोपहर को उमस व गर्मी के कारण विद्यार्थियों के चेहरे मुरझाए हुए नजर आए। स्कूल खुलने पर पढ़ाई के साथ बच्चे एक-दूसरे की छुट्टियों के अनुभव से खास पाठ पढाएंगे। इसी के साथ बच्चों की मौज मस्ती बंद हो जाएगी।

मौसम खराब रहने तक कम रहेगी स्कूलों में बच्चों की संख्या

मौसम खराब होने के चलते सोमवार को पहले दिन बच्चों की संख्या स्कूल में भले ही कम देखने को मिली हो, लेकिन आगामी दिनों में मौसम विभाग द्वारा बादल छाने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते आगामी कुछ दिनों तक स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रहने की संभावना है। हालांकि सरकारी स्कूलों के बजाय निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या में कोई खास कमी देखने को नहीं मिली। वर्षा होने के कारण गलियों मोहल्लों में पानी भर गया है, जिसके चलते बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में भारी परेशानी पेश आ रही है । जबकि कई बच्चे स्कूलों में पैदल जाते हैं वर्षा के दिनों में आने जाने में भी भारी दिक्कत पेश आ रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि करीब 1 सप्ताह के बाद मौसम साफ हो जाएगा जिसके चलते बाद में बच्चों की संख्या पूरी हो जाएगी।

एक-दूसरे के अनुभवों से ली जानकारी

सोमवार को स्कूल का पहला दिन रहा। गर्मी की लंबी छुट्टी समाप्त होने के बाद बच्चे दादा-दादी, नाना-नानी, दूसरे रिश्तेदारों के साथ ही विभिन्न जगहों की सैर करने गए थे। इसके जरिए बच्चे वहां नई चीजें देखकर काफी कुछ सीखते हैं। आपस में बच्चे इन सब अनुभवों को शेयर करते नजर आए ऐसे में उन्हें सभी को कुछ नया सीखने को मिला।

सरकारी स्कूलों में अब तक नहीं पहुंची पूरी किताबें

नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन माह का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक सभी सरकारी स्कूलों में विभाग की ओर से पूरी पुस्तकें मुहैया नहीं करवाई गई हैं। विद्यार्थियों के पास पूरी पुस्तकें न पहुचने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें मुहैया करवाई जानी है। नियमों के हिसाब से शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पुस्तकें विद्यार्थियों के हाथों में पहुंच जानी चाहिए ताकि वे समय पर अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद जब बच्चे विद्यालयों में पहुचे तो उनको उम्मीद थी कि पुस्तकें मिल जाएंगी। लेकिन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। इससे शिक्षा विभाग की जागरूकता की पोल खुल गई है। गवर्नमेंट टीचर यूनियन के प्रधान ने बताया कि पुस्तकों को लेकर अधिकारियों से संपर्क भी किया गया है, लेकिन बार-बार आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने योजना ही बना दी तो पुस्तकें जारी करने में देरी नहीं की जानी चाहिए।

Posted By: Jagran

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