जेएनएन, गुरदासपुर। Coronavirus से बचाव के लिए पैरोल की मांग कर रहे जिला गुरदासपुर केंद्रीय जेल के 850 कैदी तथा हवालाती वीरवार को भूख हड़ताल पर चले गए। इस दौरान गुस्साए कैदियों ने जेल प्रशासन तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इनका आरोप है कि जेल प्रशासन एक बैरक में लगभग 100 के करीब कैदियों और हवालातियों को ठूंसकर रखा गया है। ऐसे में उन्हें भी कोरोना का खतरा है।

कैदियों ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले जेल अधीक्षक से मांग भी की थी कि कोरोना के बचाव के लिए उन्हें पैरोल पर घर भेजा जाए, मगर उन्होंने सरकारी आदेशों का हवाला देकर उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। इसी के विरोध में बुधवार को 100 कैदी और हवालाती भूख हड़ताल पर गए थे। अब वीरवार को सभी 850 जेल के कैदी हड़ताल में शामिल हो गए। जेल में महिला कैदियों की संख्या लगभग 70-80 के करीब है। जब उन्हें पुरुष कैदियों की हड़ताल का पता चला तो वे भी हड़ताल पर बैठ गईं।

शरारती तत्वों की साजिश : जेल अधीक्षक

जेल अधीक्षक बलकार सिंह भुट्टर ने कहा कि मामला उनके नोटिस में है। कुछ शरारती तत्व जेल का माहौल बिगाड़ने के लिए इस प्रकार की हरकतें कर रहे हैं। अभी उनके पास कैदी या हवालातियों को पैरोल पर भेजने के लिए कोई सरकारी आदेश नहीं है। जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं और कैदियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

कैदियों के लिए सरकार चिंतित

उधर, सरकार कैदियों में कोरोना का संक्रमण न हो इसके लिए चिंतित है। सरकार ने जेलों में कैदियों की संख्या कम करने के लिए सभी जेलों में बंद कुल 6000 कैदियों की अस्थायी रिहाई का फैसला किया है। कैदियों को छह सप्ताह तक की अस्थायी रिहाई मिल सकती है।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!