शंकर श्रेष्ठ, दीनानगर : दीनानगर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वें¨डग मशीन) के लिए स्थाई कर्मचारी की ड्यूटी ना होने के चलते यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को दीनानगर रेलवे स्टेशन पर बनी एटीवीएम मशीन पर कर्मचारी तैनात ना होने के चलते यात्रियों को लाइन में लगकर टिकट लेनी पड़ी। सबसे अहम बात तो यह है कि टिकट खिड़की गाड़ी आगमन से करीब 10 से 20 मिनट पहले खुलती है, जबकि एटीवीएम मशीन से यात्री कभी भी टिकट ले सकते हैं। ऐसे में जब टिकट खिड़की खुलती है तो टिकट खिड़की के इर्दगिर्द लोगों का बड़ा झुंड बन जाता है, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी पेश आती है।

हैरानी की बात यह है कि मशीन को स्टेशन परिसर में लगे हुए 4 माह से अधिक समय हो गया है, जबकि रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक केवल एक कर्मी के सहारे ही एटीवीएम मशीन का प्रयोग करवाया जा रहा है। बता दें कि दीनानगर रेलवे स्टेशन से करीब एक हजार की संख्या में यात्री पठानकोट एवं अमृतसर की ओर यात्रा करते हैं, हालांकि रोजाना 800 के करीब टिकटों की से¨लग होती है, परंतु जब कभी एटीवीएम मशीन चालू होती है तो टिकटों की संख्या में बढ़ोतरी होती है, जिसका मुख्य कारण एटीवीएम मशीन से टिकटों का आसानी से उपलब्ध होना है। जबकि कई यात्री लाइन के चक्कर से बचने के लिए टिकट ही नहीं खरीदते। कमीशन बेस पर कार्य करता है टिकट एजेंट

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त टिकट एजेंट उक्त एटीवीएम पर कमीशन बेस पर कार्य करता है, वह जितनी टिकट अधिक बेचता है, उसकी कमीशन उसी हिसाब से बनती है। लेकिन दीनानगर स्टेशन पर महज 400 के करीब टिकटें बिकती हैं, जिसके चलते जितनी कमीशन उक्त एजेंट को चाहिए नहीं बन पाती। लोग कर रहे स्थाई कर्मी की मांग

दीनानगर से विभिन्न शहरों की ओर रेल द्वारा यात्रा करने वाले यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अपील कि है कि रेलवे स्टेशन पर लगी एटीवीएम पर स्थाई कर्मी की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार टिकट खिड़की जब खुलती है तो लोगों को गर्मी में लाइनों में लगना पड़ रहा है। अगर एटीवीएम रोजाना चले तो जहां लोगों को गर्मी में बेहाल नहीं होना पड़ेगा, वहीं बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री भी टिकट लेने के लिए विवश होंगे। टिकट खिड़की पर कम होगा टिकटों का बोझ

दीनानगर रेलवे स्टेशन से रोजाना 800 के करीब टिकटों की बिक्री होती है। जब कभी एटीवीएम ऑपरेटर नहीं आता, तो इसका सारा बोझ टिकट खिड़की पर तैनात कर्मी पर पड़ता है। अगर टिकट एजेंट रोजाना आता है, तो जहां टिकट खिड़की पर कर्मी का अतिरिक्त बोझ कम होता है, वहीं लोग भी सुविधाजनक टिकट प्राप्त कर लेते हैं।

खुद करेंगे जांच : सीएमआइ

पठानकोट में तैनात सीएमआइ ( कमर्शियल इंस्पेक्टर) हर¨जदर कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह खुद दीनानगर स्टेशन पर टिकट एजेंट की जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि आखिर यात्रियों को समस्या क्यों आ रही है। जल्द ही यात्रियों की सभी समस्याओं का निवारण किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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