संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन ने सरकारी कालेज में बब्बर अकाली आंदोलन की 100वीं वर्षगांठ को समर्पित बब्बर अकाली आंदोलन शताब्दी सप्ताह के तहत एक पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें बब्बर अकालियों सहित शहीदों से संबंधित साहित्य की स्थापना की गई।

प्रेस को एक बयान जारी करते हुए पंजाब छात्र संघ के राज्य उपाध्यक्ष अमर क्रांति और जिला नेता मणि भट्टी ने कहा कि बब्बर अकाली आंदोलन ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ विद्रोह का एक सुनहरा हिस्सा था। इसके बजाय उनका असली उद्देश्य सभी प्रकार की लूट को मिटाना था। इससे भयभीत होकर ब्रिटिश साम्राज्य ने बब्बर अकालियों के प्रमुख योद्धाओं को 27 फरवरी 1926 को फांसी पर लटका दिया। इससे शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी प्रभावित हुए और उस समय प्रताप नामक समाचार पत्र में एक लेख प्रकाशित किया।

पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन गवर्नमेंट कालेज के अध्यक्ष रवि सिद्धू, वाइस प्रेसिडेंट मारवी, प्रिया और दीपक ने कहा कि बब्बर के अभूतपूर्व बलिदान को कम करने का अनाड़ी प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि बब्बर अकाली आंदोलन को अभी भी एक हिसक आंदोलन के रूप में पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को शहीदों की विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज सूचना क्रांति ने छात्रों को किताबों और शहीदों की विरासत से दूर कर दिया है। इस मौके पर जतिन, रोहन, अमन, शिवानी, राजेश भट्टी, कमलदीप नडाला आदि उपस्थित थे। दो को बब्बर अकाली आंदोलन एवं वर्तमान समय में इसकी भूमिका' विषय पर गोष्ठी

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि दो दिसंबर को सरकारी कालेज गुरदासपुर में 'बब्बर अकाली आंदोलन एवं वर्तमान समय में इसकी भूमिका' विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. जगमोहन सिंह विशेष रूप से पहुंच रहे हैं।

Edited By: Jagran