बाल कृष्ण कालिया, गुरदासपुर : राज्य सरकार ने एक्साइज विभाग की कार्यप्रणाली को भी आनलाइन कर दिया है। पहले पहल शराब की पेटियां लेने के लिए ठेकेदारों को लिखित में एप्लीकेशन देकर विभाग के इंस्पेक्टर से अनुमति लेनी पड़ती थी जिसके बाद उस पर संबंधित विभाग के ईटीओ के हस्ताक्षर होने के बाद शराब ठेकेदार को परमिट दिया जाता था। अब विभाग ने परमिट लेने का कामकाज आनलाइन कर दिया है। ऐसा होने की सूरत में ठेकेदारों को अब आफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी जबकि वे बैंक में फीस जमा करवाने के बाद अपना आनलाइन आवेदन दे सकते हैं। जिसे इंस्पेक्टर की आनलाइन अनुमति मिलने के बाद ईटीओ की ओर से फाइनल अप्रूवल दिया जाएगा। ठेकेदारों की बनी आईडी

एक्साइज विभाग की ओर से ई आबकारी पोर्टल के तहत सभी शराब के ठेकेदारों की अलग आईडी बना दी है। ठेकेदार उसी आईडी से विभाग को आनलाइन परमिट के लिए आवेदन दे सकते हैं। उदाहरण के तौर पर किसी ठेकेदार ने शराब की 100 पेटी एल वन से लेनी है। उसे संबंधित सर्कल के इंस्पेक्टर को ई आबकारी के माध्यम से आवेदन देना होगा जिसके बाद इंस्पेक्टर की अप्रूवल होने के बाद ईटीओ उसको अपनी फाइनल मुहर लगाएगा। सरकार की ओर से आनलाइन प्रक्रिया इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि कई बार विभागीय अधिकारी अवैध शराब पकड़ने के लिए कार्यालय से बाहर होते हैं। ऐसे में अधिकारी अपने मोबाइल फोन या फिर कंप्यूटर से ही इस प्रक्रिया को पूरा कर सकता है। जिस पर अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर भी होंगे।

ठेकेदार निकाल सकते हैं प्रिट

शराब ठेकेदार आनलाइन अनुमति मिलने के बाद अपने पोर्टल से फाइनल किए गए परमिट को प्रिट निकाल कर एल वन से इसका पास बनने के बाद अपना माल खरीद सकते हैं। ऐसा होने से बटाला, श्री हरगोबिंदपुर, दीनानगर, धारीवाल व दूरदराज इलाकों में बैठे शराब के ठेकेदारों को बार-बार विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ठेकेदारों का बचेगा समय

उधर इस बारे में शराब कारोबारी रकेश कुमार लवली, सूरज रंधावा, चरणजीत सिंह गुरप्रीत सिंह, सज्जन सिंह आदि ने बताया कि आनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से एक तो शराब कारोबारियों का समय भी बचेगा और विभाग भी कहीं पर बैठकर परमिट को लेकर कार्रवाई पूरी कर सकता है। ऐसे में सरकार की ओर से शुरू किया गया यह प्रयास सही है।

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