पंजाब के गुरदासपुर में संगतों के लिए तैयार हो रही सात तरह की 15 टन मिठाई, घर बैठे भी मंगा सकेंगे प्रसाद
बटाला में श्री गुरु नानक देव जी और माता सुलखनी जी के 539वें वार्षिक विवाह पर्व पर जोड़ा घर सेवा ...और पढ़ें
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संगतों के लिए तैयार हो रही सात तरह की 15 टन मिठाई। फोटो जागरण
HighLights
बटाला में गुरु नानक देव जी का 539वां विवाह पर्व 18 सितंबर को।
जोड़ा घर सेवा सोसायटी 15 टन पारंपरिक भाजी प्रसाद तैयार कर रही है।
देशभर में बस सेवा से घर बैठे प्रसाद मंगवाने की सुविधा उपलब्ध है।
परमवीर ऋषि, बटाला। श्री गुरु नानक देव जी और जगत माता सुलखनी जी का 539वां वार्षिक विवाह पर्व 18 सितंबर को शहर में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर देश-विदेश से आने वाली संगत के स्वागत और सेवा के लिए विभिन्न संस्थाओं की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
इसी क्रम में जोड़ा घर सेवा सोसायटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए करीब 15 टन पारंपरिक मिठाई (भाजी) तैयार की जा रही है। विवाह पर्व के अगले दिन 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री कंध साहिब के बाहर श्रद्धालुओं को यह भाजी प्रसाद के रूप में वितरित की जाएगी। खास बात यह है कि जो श्रद्धालु विवाह पर्व में शामिल नहीं हो पाते, वे भी घर बैठे इस प्रसाद को मंगवा सकेंगे।
जोड़ा घर सेवा सोसायटी के प्रधान सुरिंदर सिंह सैनी और वरिष्ठ उपप्रधान सतनाम सिंह समर्थवाल ने बताया कि पिछले करीब 14 वर्षों से सोसायटी की ओर से विवाह पर्व के अवसर पर संगत को प्रसाद के रूप में पारंपरिक मिठाई वितरित करने की सेवा की जा रही है।
इस सेवा में सुखा सिंह लंगाह, मेजर सिंह उमरपुरा, लखबीर सिंह ठेकेदार, भूपिंदर सिंह, अमरजीत सिंह बाज, डा. इंदरजीत सिंह, हरजीत सिंह चीमा, प्रदीप सिंह, नपिंदर सिंह, वरिंदर सिंह, रवि गिल, सुखमनदीप सिंह सहित अन्य पदाधिकारी सहयोग कर रहे हैं।
चार क्विंटल से शुरू हुई सेवा, अब 15 टन तक पहुंची
सतनाम सिंह समर्थवाल ने बताया कि संगत के सहयोग से शुरू हुई भाजी तैयार करने की सेवा पहले महज चार क्विंटल से शुरू हुई थी, जो अब बढ़कर करीब 15 टन तक पहुंच गई है। इसमें गुने, वड़े, शक्करपारे, नमकीन मट्ठी, सीरणी, काठी और बदाना सहित विभिन्न पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मिठाई तैयार करने में घी, रिफाइंड और सरसों के तेल के करीब 300 पीपे इस्तेमाल होंगे। पहले गैस सिलेंडरों से मिठाई तैयार की जाती थी, लेकिन इस बार डीजल भट्ठियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हलवाई सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक मिठाई तैयार करने की सेवा में जुटे हुए हैं।
12 कारीगर 15 दिन से जुटे हैं सेवा में
भाई सतनाम सिंह समर्थवाल ने बताया कि 19 सितंबर की सुबह गुरुद्वारा श्री कंध साहिब में रात ठहरने वाली संगत के लिए चाय का लंगर लगाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद के पैकेट भी वितरित किए जाएंगे।
करीब 15 दिनों से मिठाई तैयार करने के लिए टीना सोनू हलवाई के 12 कारीगर सेवा में लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि भाजी तैयार करते समय हलवाई जूते उतारकर और सिर ढककर पूरी श्रद्धा से सेवा निभाते हैं।
बस सेवा के जरिए देशभर में घर तक पहुंचेगा प्रसाद
सोसायटी सदस्य गुरमीत सिंह कलसी ने बताया कि विवाह पर्व में शामिल नहीं हो पाने वाले श्रद्धालुओं के घर तक भी यह मीठा प्रसाद पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए सोसायटी की ओर से फोन नंबर जारी किए जाते हैं, जिन पर श्रद्धालु संपर्क कर प्रसाद मंगवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बटाला से देश में जहां भी बस सेवा जाती है, वहां बस के माध्यम से प्रसाद भेजा जाता है। श्रद्धालु को बस का नंबर और समय बताया जाता है, जिसके बाद वह निर्धारित समय पर बस से अपना प्रसाद मुफ्त प्राप्त कर सकता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु फोन के माध्यम से प्रसाद मंगवाते हैं और सोसायटी की ओर से इसे उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है।
गुरुद्वारा कंध साहिब और डेहरा साहिब में भी सेवा
जोड़ा घर सेवा सोसायटी की ओर से केवल जोड़ा घर में जूतों की सेवा ही नहीं, बल्कि विवाह पर्व के दौरान गुरुद्वारा श्री कंध साहिब और डेहरा साहिब में रंग-रोगन, पानी की टंकियों की सफाई और सजावट आदि की सेवाएं भी निभाई जाती हैं। सोसायटी लंबे समय से इन सेवा कार्यों में अपना योगदान देती आ रही है।
