जेएनएन, गुरदासपुर। अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को सजा सुनाई है जिसने पत्नी का कत्ल करने के बाद खुद ही ऐसा नाटक रचा कि जैसे वह बेगुनाह हो और आरोपित ने पुलिस को भी चकमा देकर बच निकलने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसन ने आरोपित को कत्ल करके दीवार फांदते देख लिया था। शिकायत के बाद जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपित ने माना कि उसने पत्नी का कत्ल उसके चरित्र पर संदेह होने के चलते किया था। घटना थाना सदर के गांव धीर बटाला में 2015 को घटित हुई थी। पुलिस ने मृतक नरेंद्र कौर के पति बलजीत सिंह के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला किया था जिसे अब गुरदासपुर में न्यायाधीश प्रेम कुमार की अदालत ने उम्रकैद की सजा व एक लाख रुपये की जुर्माना की सजा सुनाई।

19 मई 2015 को आरोपित बलजीत सिंह ने बयान में कहा कि सुबह 8 बजे घर से काम के लिए निकला था। उसने बताया कि वह पड्डा कंपनी में धान की ढुलाई के लिए ट्रक चलाने का काम करता है। पुलिस को बड़ी ही होशियारी से बताया कि शाम को तारागढ़ के पास गोदाम में खड़ा था कि इतने में सरपंच गुरनाम सिंह का फोन आया कि उसकी पत्नी का किसी अज्ञात व्यक्ति ने कत्ल कर दिया है, जिसके तुरंत बाद वहां पहुंचा।

हालांकि पुलिस ने इस मामले में पहले तो आरोपित के बयान कलमबंद करके मामला दर्ज किया, लेकिन जब पड़ोसन गुरमीत कौर ने पुलिस को बताया कि जिस दिन उसकी पत्नी नरेंद्र कौर का कत्ल हुआ था। उस दिन आरोपित को घर की दीवार फांदकर भागते देखा था। इसके बाद पुलिस ने जब आरोपित बलजीत सिंह से सख्ती से पूछताछ की तो उसने माना कि उसने चरित्र पर संदेह होने के चलते पत्नी का कत्ल किया है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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