बाल कृष्ण कालिया, गुरदासपुर

दीवाली पर बढ़ती मांग के कारण जिले में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में नकली खोये से दीपावली के लिए मिठाई तैयार की जा रही है। रिफाइंड में एसेंस डालकर घी बनाया जा रहा है। दरअसल, दीपावली में एक दूसरे को मिठाई देने की परंपरा है, जिसमें मावा की मिठाई की मांग सबसे अधिक होती है। दीपावली आने से 15 दिन पहले मिठाई माफिया सक्रिय हो जाते हैं। प्रशासन की नजर से बचने के लिए दूर दराज गांव में नकली मावा बनाया जा रहा है। उधर, इस संबंध में मंगलवार को दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद सेहत विभाग जाता और 13 सैंपल भरे।

जिले में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री को लेकर दैनिक जागरण ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से खबर छापी थी। इस संबंधी अखबार ने अभियान चलाया हुआ है। इसके बाद मंगलवार को ही सेहत विभाग की टीम ने दीनानगर में मिठाई वाली दुकानों की चेकिग करके 13 सैंपल भरे। डीएचओ डॉ. अमनदीप सिंह ने बताया कि दीनानगर में शर्मा लवली स्वीटस शॉप से खोया-बर्फी, पेठा व बिस्कुट, जनक स्वीटस शॉप से कलाकंद व रसगुले, चमन लाल स्वीट्स शॉप से खोया बर्फी व पनीर, किशन लाल स्वीट्स शॉप से पनीर व मिल्क केक, प्रकाश स्वीट्स शॉप से खोया व बर्फी और पाशी स्वीट्स शॉप से खोया, बर्फी व कलाकंद मिठाइयों के सैंपलों को खरड़ की लेबोरेटरी में चेक करने के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत के खिलाफ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई घटिया मटीरियल बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।, सेहत विभाग की टीम ने दीनानगर में मिठाई वाली दुकानों की चेकिग करके 13 सैंपल भरे। डीएचओ डॉ. अमनदीप सिंह ने बताया कि दीनानगर में शर्मा लवली स्वीटस शॉप से खोया-बर्फी, पेठा व बिस्कुट, जनक स्वीटस शॉप से कलाकंद व रसगुले, चमन लाल स्वीट्स शॉप से खोया बर्फी व पनीर, किशन लाल स्वीट्स शॉप से पनीर व मिल्क केक, प्रकाश स्वीट्स शॉप से खोया व बर्फी और पाशी स्वीट्स शॉप से खोया, बर्फी व कलाकंद मिठाइयों के सैंपलों को खरड़ की लेबोरेटरी में चेक करने के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत के खिलाफ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई घटिया मटीरियल बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटिया दूध से बनाया जाता है खोया

बाजार में घटिया स्तर का दूध पाउडर उपलब्ध है। मिठाई माफिया दूध पाउडर से खोया तैयार करते हैं। बूंदी की लड्डू के लिए बेसन के स्थान पर मैदा का प्रयोग किया जाता है। इस बनाने में घटिया स्तर के पाम आयल का प्रयोग किया जाता है। रिफाइंड में एसेंस मिलाकर देशी घी बनाया जाता है। मिलावटी मिठाइयां खाने से हो सकती है किडनी खराब

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनजिदर सिंह बब्बर का कहना है कि घटिया मिठाइयों में मिले रंग में मेटल होता है, जो सीधे किडनी को खराब करता है। घटिया खोया व पाम ऑयल लीवर को क्षतिग्रस्त करता है। घर में बनी मिठाइयों का करे प्रयोग

दीवाली के त्यौहार पर बाजार की मिठाई से बचने के लिए हमें अपने घर पर मिठाई तैयार करके खानी चाहिए। हालांकि 60 फीसद लोग बाजार की मिठाइयां खाने से बचते हैं और ड्राई फ्रूट को तरजीह देते है। दीवाली के पर्व के दौरान हमें नारियल की मिठाई, ड्राई फ्रूट, घर में बनी मिठाई का ही सेवन करना चाहिए।

Posted By: Jagran

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