रजिदर कुमार, गुरदासपुर

काम के लिए दुबई गए कलानौर के बलजीत सिंह को वहां की कंपनी ने झूठे केस में फंसाकर जेल में बंद करवा दिया था। इसके पश्चात जेल से वीडियो बनाकर बलजीत ने रिहाई के लिए मदद की गुहार लगाई। बलजीत सिंह की मदद की गुहार सुनकर दुबई में ह्यूमेनिटी नाम की संस्था चलाने कारोबारी जोगिदर सिंह सलारिया ने उनको दुबई से रिहा करवाकर उसके घर सकुशल लौटाया। सोमवार को जब बलजीत अपने परिजनों के पास पहुंचा तो उनके मां और पिता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

बलजीत की मां रजवंत कौर ने बताया कि दो साल पहले बलजीत सिंह रोजी रोटी कमाने के लिए दुबई गया था। लेकिन कुछ दुबई जाने के बाद वहां पर कंपनी के मालिकों ने उसे किसी झूठे केस में फंसा दिया और जेल में बंद करवा दिया। उन्हें इस संबंध तब पता चला जब उन्होंने बलजीत की जेल में बंद हुए की वीडियो देखी। बलजीत रो-रोकर अपनी रिहाई की गुहार लगा रहा था। वीडियो देखने के बाद उनका पूरा परिवार पर दुख का पहाड़ गिर गया। उन्होंने देश की सरकार को पत्र जारी करके बलजीत की रिहाई करने की गुहार लगाई। लेकिन देश की सरकार ने बलजीत सिंह की रिहाई के लिए कोई पहलकदमी नहीं दिखाई। वे कई बार मंत्रियों के पास जाकर रिहाई की मांग कर चुके थे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। विदेश मंत्री से मिला सिर्फ आश्वासन

रजवंत कौर ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलकर तथा कई बार ट्वीट करके उनसे बलजीत सिंह की रिहाई जल्द करवाने की मांग की गई। लेकिन सुषमा स्वराज ने उन्हें केवल आश्वासन ही दिया। बलजीत की रिहाई के लिए दुबई सरकार से कोई बात नहीं की। दुबई की ह्यूमेनिटी संस्था ने की मदद

बलजीत सिंह की उक्त वायरल हुई वीडियो को देखने के बाद दुबई में ह्यूमेनिटी नाम की सस्था ने उसकी मदद की। बलजीत पर जितने भी केस थे वह सभी केस खत्म करके उसको जेल से छुड़वाया और उसे उसके घर तक पहुंचाया। बलजीत सिंह को उसके परिवार को संस्था ने खुद आकर सौंपा। शादी की हो रही थी तैयारी, मिली जेल में होने की खबर

रजवंत कौर ने बताया कि बलजीत की सगाई हो चुकी थी, अब उसकी शादी की जानी थी, मगर जब उनको पता चला था कि बलजीत जेल में बंद हो गया है तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

Posted By: Jagran

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