बाल कृष्ण कालिया, र¨जदर कुमार गुरदासपुर

अमृतसर में निरंकारी भवन पर ग्रेनेड से हमले के बाद गुरदासपुर में पुलिस चौकस हो गई। घटना के कुछ समय बाद ही विभिन्न चौकों में पुलिस ने नाके लगा दिए। वहीं एसएसपी स्वर्ण दीप ¨सह सहित आला पुलिस अधिकारी पठानकोट-दीनानगर रोड पर स्थित निरंकारी भवन पहुंच गए। निरंकारी भवन के बाहर भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए। इसके बाद गुरदासपुर में जिन-जिन जगहों पर सत्संग के कार्यक्रम चल रहे थे उन्हें तुरंत रद करवा दिया गया। सत्संग घरों के बाहर पुलिस कर्मचारी तैनात कर दिए गए।

हालांकि पुलिस की बड़ी लापरवाही यह रही कि रविवार को शहर के बाटा चौक में कोई भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं था। बता दें कि 1990 में बाटा चौक में बस ब्लास्ट भी हुआ था। एसएसपी स्वर्ण दीप ¨सह का कहना है कि शहर में पुलिस नाके अलर्ट कर दिए गए हैं। स्वैट टीमें सहित कमांडो फोर्स को तैनात कर दिया गया है। बाटा चौक से पुलिस रही गायब

शहर के सबसे व्यस्त बाटा चौक में कुछ वर्ष पूर्व आतंकवादियों ने बम ब्लास्ट किया था। शहर का मुख्य चौक होने के कारण यहां पर बाहरी क्षेत्रों से भी लोग आते हैं। देहाती क्षेत्रों से आने वाले लोग बाजार में जाकर खरीदारी करते हैं। रविवार के दिन भी बाजार लोगों से खचाखच भरा रहा, लेकिन पुलिस कर्मचारी कहीं भी दिखाई नहीं दिए। डीएसपी देव दत्त को इस मामले संबंधी सूचना दी तो दो पुलिस कर्मचारी 7000 से अधिक आबादी वाले इस चौक में तैनात कर खानापूर्ति कर दी गई। बुलेट प्रूफ गाड़ी से बाहर नहीं आए स्पेशल फोर्स के सदस्य

एसएसपी के आदेश पर हर पुलिस अधिकारी अपने कार्यालय से बाहर निकल कर नाके पर तैनात दिखे। इस दौरान स्पेशल फोर्स जिसे स्वैट टीम कहा जाता है, के कर्मचारी अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी से बाहर ही नहीं आए। ऐसे लापरवाही करती है पुलिस

यूं तो थाना सिटी पुलिस की ओर से हर चौक में पुलिस कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। लेकिन इन पुलिस कर्मचारियों की क्रॉस चे¨कग के लिए कोई भी बड़ा अधिकारी अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकलता है। इसके चलते छोटे स्तर के पुलिस कर्मचारी भी लापरवाह हो जाते हैं। वे इधर उधर दुकानों में शिफ्ट कर अपना समय निकालते हैं। रविवार को जब अमृतसर में ब्लास्ट हुआ तो जिले के बड़े अधिकारी भी चौक में ड्यूटी करते दिखाई दिए। बस स्टैंड राम भरोसे

अमृतसर में हमले के बाद गुरदासपुर में भले ही पुलिस की ओर से नाकाबंदी तेज कर दी गई हो। लेकिन गुरदासपुर बस स्टैंड से जम्मू कश्मीर जाने वाली बसों की किसी भी अधिकारी, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉयड टीमों ने जांच ही नहीं की। हालांकि बड़े पुलिस अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन में जांच जरूर की। लेकिन बस स्टैंड की तरफ किसी भी अधिकारी ने कोई ध्यान नहीं दिया। जीआरपी ने ट्रेनों में की जांच

रेलवे पुलिस से एएसआइ भूपिंदर ¨सह ने अपने साथियों सहित अमृतसर ब्लास्ट के बाद स्टेशन से गुजरने वाली हर गाड़ी की जांच शुरू कर दी। स्टेशन पर बैठे यात्रियों का सामान भी खंगाला गया। भूपिंदर ¨सह का कहना है कि उच्च अधिकारियों के आदेश के चलते स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी संदेह लगे तो तुरंत जीआरपी को सूचित करें।

सभी अधिकारी चे¨कग में व्यस्त हैं। रात को भी चे¨कग चल रही है। अगर कहीं कोई कमी है तो वह खुद जांच करेंगे।

देवदत्त, डीएसपी सिटी।

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Posted By: Jagran