शंकर श्रेष्ठ, दीनानगर

लोगों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली नगर कौंसिल अपने ही कार्यालय में लोगों की सुरक्षा एवं कार्यालय की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। कार्यालय में पिछले चार वर्षो से एक्सपायर्ड अग्निशमन यंत्र लगे हैं। यही नहीं यही नहीं रेत के लिए बनाई गई बाल्टी होल्डरों से बाल्टियां ही गायब हैं।

गौरतलब हो कि अगजनी की घटनाओं के दौरान लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए भले ही सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में अग्नि यंत्र के साथ-साथ रेत की बाल्टियों को रखने के निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हैं, लेकिन सरकार के सरकारी कार्यालय इस बात को गंभीरता से नहीं लेते। इसके चलते आगजनी की घटनाओं के दौरान जान-माल के साथ-साथ जरूरी सामान की तबाह हो जाता है।

हैरानी की बात यह भी देखने में आई कि यह सिलेंडर 2015 में एक्सपायर हुए थे, लेकिन इसे रिफिल कराना किसी ने भी जरूरी नहीं समझा। शहर में आगजनी की घटना कई बार हो चुकी है, जिसके चलते जान माल के नुकसान के साथ-साथ कई बार जरूरी सामान जल जाने के कारण लोगों को पछताना पड़ता है ऐसे में नगर कौंसिल दीनानगर का सारा रिकॉर्ड भी लगभग अलमारियों के ऊपर खुले में रखा हुआ है। अप्रिय घटना होने के दौरान जहां जान-माल का नुकसान होने का संदेह इन दिनों बना हुआ है, वहीं रिकॉर्ड चल जाने के चलते भी नगर कौंसिल का भारी नुकसान भी हो सकता है। शहर में नहीं है फायर ब्रिगेड की गाड़ी

शहर में आग बुझाने वाले कर्मियों के विभाग के पास कमी होने के चलते अग्निशमन वाहन को पठानकोट नगर निगम को दे दिया गया था। फसलों की कटाई के दौरान भले ही अनेकों एकड़ फसल इस बार विभिन्न स्थानों पर आग लगने के दौरान जली है, लेकिन फिर भी प्रशासन ने दीनानगर में स्थाई गाड़ी एवं कर्मियों का प्रबंध नहीं किया है। ऐसे में कोई आगजनी की अप्रिय घटना के दौरान भारी नुकसान होने का संदेह भी निरंतर बना हुआ है। सरकारी कार्यालयों के अग्निशमन यंत्र भी हो चुके एक्सपायर्ड

केबल नगर कौंसिल दीनानगर ही नहीं बल्कि शहर के कई सरकारी ऐसे कार्यालय हैं, जिनमें लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाना मुनासिब नहीं समझा जाता। अभी भी शहर में कई ऐसे सरकारी कार्यालय हैं, जिनमें पिछले लंबे समय से आग बुझाने वाले सिलेंडर एक्सपायर हो चुके हैं। इसकी एक सीधी उदाहरण शुगर मिल भी है। इसके अतिरिक्त भी कई सरकारी विभाग हैं, जिनमें सिलेंडर एक्सपायर हो चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें रिफिल कराना मुनासिब नहीं समझा गया। बिना रिफिलिंग के मात्र दो साल काम कर सकते हैं ये यंत्र

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिना रिफि¨लग के ये यंत्र ज्यादा से ज्यादा दो साल तक काम कर सकता है। इसके बाद रिफि¨लग नहीं होने पर उपयोग के समय यंत्र में तकनीकी खराबी आ सकती है। उपयोग अग्निशमन यंत्र का उपयोग सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित नहीं है। लोग इसे अपने पास रखकर विभिन्न परिस्थितियों में इस्तेमाल कर सकते हैं। कोट्स मैं अभी कर्मियों को बोल कर इन सिलेंडरों को रिफिल के आऊंगा। इसके साथ ही रेत की बाल्टियों का प्रबंध भी करके कार्यालय के बाहर रखे जाएंगे। अगामी समय से वे सिलेंडरों के रिफिल संबंधी विशेष ध्यान देंगे।

--ईओ, अनिल मेहता।

Posted By: Jagran

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