संवाद सहयोगी, कलानौर : कसबा कलानौर के किसान गुलजार ¨सह अपनी 20 एकड़ फसल बिना कीटनाशक का उपयोग कर पैदा कर रहे हैं। इससे न ही हर साल उनको सैकड़ों रुपये की बचत हो रही है बल्कि लोगों के लिए भी एक मशाल पेश कर रहे हैं।

जागरण से बातचीत दौरान किसान गुलजार ¨सह उनकी पत्नी द¨वदर कौर ने बताया कि अधिकतर किसान धान की फसल को पालने के समय हाथों से मेहनत कपने की बजाए महंगे भाव की दवाई की स्प्रे करके यहां धान की फसल पर अधिक खर्च कर रहे हैं, वहीं अधिक कीटनाशक दवाई का इस्तेमाल मानव जानों के लिए घातक सिद्ध हो रही हैं। गुलजार ¨सह ने यहां इस इलाके के किसानों को धान की पनीरी को शोध कर काश्त किया था। धान की फसल को सारे सीजन में 4 ले 5 बोरियां यूरिया खाद के अलावा नदीन नाशक मचैटी, डाया, यूरिया पुदान, टिल्लट आदि दवाई प्रति एकड़ 4 हजार रुपये खाद दवाई का खर्च करने के अलावा उन्होंने केवल प्रति एकड़ धान में 2 बोरियां यूरिया खाद डाली है व अन्य किसी दवाई का छिड़काव नहीं किया।

किसान गुलजार ¨सह ने बताया कि धान की पैदावार के लिए अन्य किसा दवाइयों का छिड़काव करते हैं। वह न के बराबर करते हैं।

विभाग करेगा सम्मानित

जिला खेतीबाड़ी अफसर रमेश कुमार से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाइयों का इस्तेमाल न करने व खादें जरूरत अनुसार डाल कर हाथों से खेती करने वाले किसान गुलजार ¨सह का खेतीबाड़ी विभाग द्वारा स मान किया जाएगा व किसान की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर कलानौर को सूचित किया जाएगा।

Posted By: Jagran