रवि कुमार, गुरदासपुर

कोरोना महामारी के कारण बंद पड़े सरकारी स्कूल सोमवार को खोले जा रहे हैं। स्कूलों को खोलने को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। स्कूलों को सैनिटाइज करने के साथ-साथ स्कूल की सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। स्कूल खोलने को लेकर पंजाब सरकार के फैसले से अभिभावकों में खुशी की लहर है, क्योंकि उनके बच्चे घर में अच्छी तरह से शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहे थे।

गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण पंजाब सरकार ने सभी कारोबार के साथ-साथ स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए थे। इस कारण बच्चों को घरों में ही आनलाइन के जरिए पढ़ाया जा रहा था, मगर अब कोरोना की दूसरी लहर कम होते ही पंजाब सरकार ने सभी कारोबार में ढील देते हुए दसवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति दे दी है। अब सोमवार को फिर से स्कूल खोले जाएंगे। जानकारी देते हुए डीईओ (स) हरपाल सिंह संधावालिया ने बताया कि जिले के 116 सेकेंडरी व 91 हाई स्कूलों को खोलने के लिए तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं। जिले के सभी स्कूलों को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया है और स्कूलों की विशेष सफाई की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए शिक्षा विभाग ने पढ़ाई को आनलाइन जारी रखा। इस दौरान अध्यापकों द्वारा बच्चों को बहुत ही बढि़या तरीके से बच्चों को आनलाइन शिक्षा दी गई। लेकिन देखने में आया है कि बच्चों में स्कूल में जाकर पढ़ने का अधिक उत्साह होता है। कोविड-19 के नियमों का पालन करवाने के लिए स्टाफ की लगाई ड्यूटी

डिप्टी डीईओ लखविदर सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश करते समय मास्क पहनना, सैनिटाइज होने और आश्वयक दूरी बनाकर रखने के लिए कक्षा इंचार्जो द्वारा की जूम बैठकों के जरिए सचेत कर दिया गया है। इसके अलावा स्कूल में कोविड-19 के नियमों का पालन करने संबंधी स्टाफ की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। स्कूल खोले जाने पर अध्यापकों व विद्यार्थियों में भारी उत्साह पाया जा रहा है। इसके साथ स्कूलों में कोविड-19 के नियमों के पालन संबंधी पूरी तैयारियां की जा चुकी हैं। आनलाइन पढ़ाई से बच्चों में बढ़ा चिड़चिड़ापन

जब से कोरोना की लहर के कारण स्कूल बंद हुए हैं, तब से ही बच्चों के घरों में रहने से उनमें चिड़ड़िापन बढ़ा है। इसको लेकर अभिभावक भी चितित थे। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हों और वे शिक्षा में व्यस्त रहे, इसके लिए आनलाइन पढ़ाया जा रहा था। लेकिन आनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चे अच्छी तरह से शिक्षा हासिल न कर रहे थे। वे अपना अधिक समय मोबाइल फोन में गेम खेलने में लगा रहे थे।

Edited By: Jagran