गुरदासपुर [सुनील थानेवालिया]। निजी अस्पताल में नर्स का काम करने वाली गांव आलोवाल की युवती परिवार की गरीबी दूर कर अच्छे दिनों की उम्मीद लेकर कुवैत में नर्सिंग का काम करने के लिए गई। वहां शेखों ने उसे बंदी बनाकर घर का काम करवाना शुरू कर दिया। उसे पैसे भी नहीं दिए। दो महीने बाद किसी तरह वहां से भागकर कुवैत दूतावास पहुंची। वहां उसे गुरदासपुर के गांव जीवनवाल बब्बरी का नौजवान मिला। युवक ने वहां से राजी के परिवार को ऑडियो मैसेज भेजकर उसे बचाने का आग्रह किया।

दो महीने पहले युवती दिल्ली के किसी एजेंट से संपर्क कर विदेश में नर्सिंग का काम करने की बात की। एजेंट को देने के लिए उसने 70 हजार रुपये उधार भी लिए। युवती ने घर पर बताया कि एजेंट उसे सिंगापुर भेज रहा है। विदेश पहुंचकर उसे पता चला कि उसे सिंगापुर नहीं कुवैत भेजा गया है। युवती वहां भी नर्सिंग का काम करने के लिए तैयार हो गई, लेकिन वहां उससे घर का काम करवाया जाने लगा।

बताया जा रहा है कि युवती 15 दिन में घर वापस आ जाएगी। करीब एक हफ्ता पहले युवती की भाभी से फोन पर बात हुई थी। उस वक्त उसने बताया था कि वह दूतावास पहुंच गई है। वह घर आकर बताएगी कि कैसे एजेंट ने उसे सिंगापुर की जगह कुवैत भेज दिया।

अकाली नेता के विदेश राज्य मंत्री को ट्वीट के बाद युवती को शेल्टर होम पहुंचाया

कुवैत से युवक हरप्रीत सिंह का मैसेज मिलने के बाद युवती के पिता ने गांव के अकाली नेता गुरनाम सिंह से बात की। गुरनाम सिंह ने संगरूर के अकाली नेता विन्नरजीत सिंह खडियाल से संपर्क किया। विन्नरजीत सिंह पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के पीए हैं। उन्होंने राजी से संबंधित दस्तावेज मंगवाए और फिर विदेश राज्य मंत्री डाक्टर एस जयशंकर को ट्वीट कर युवती को बचाने का आग्रह किया।

विन्नरजीत का कहना है कि विदेश राज्य मंत्री ने ट्वीट के 24 घंटे में युवती का पता लगाकर उसको वहां सुरक्षित महिला शेल्टर होम पहुंचा दिया। कुछ दिन में वह पंजाब वापस आ जाएगी। कुवैत सरकार के साथ मिलकर कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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