संवाद सहयोगी, गुरदासपुर :

शहर के जहाज चौंक में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए लगाए गए फव्वारे पिछले कई महीनों से बंद पड़े हुए है। जिस कारण जहाज चौंक बस एक नाम का ही चौक बनकर रह गया है। हालांकि नगर कौंसिल के पास एक ही रटा रटाया जवाब होता है कि फुव्वारे चलाने वाली मशीन में कोई तकनीकी खराबी चल रही है। मगर दुख की बात है कि इसे ठीक करने के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है।

गौरतलब है कि अकाली सरकार के समय उक्त चौंक की चारो तरफ सड़क को चौड़ा करके सड़क के बीचो बीच चौंक बनाया गया था। जबकि इस चौंक को और चकाचौंध करने के लिए रंग बिरंगी लाइटें और फव्वारे लगाए गए थे। उस समय इस नजारे को देखने के लिए शहर के अलावा आसपास गांवों के लोग भी आते थे। जबकि कई लोग इस चौंक की सुंदरता को अपने कैमरों में बंद करके इंटरनेट मीडिया पर वायरल करते थे। लेकिन अब हालात यह है कि चौंक में लगे हुए फव्वारे पिछले कई महीनों से बंद पड़े है। जिन्हें चलाने के लिए संबंधित विभाग द्वारा कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। चौक की सुंदरता को लगा ग्रहण

शहर के सभी चौकों में से जहाज चौक को सबसे सुंदर चौक माना जाता था। रात के समय चलने वाली लाइटें और फव्वारे लोगों को अपनी ओर खींचती थी। लोग भी इस चौंक को देखने के लिए जरूर आया करते थे। मगर पिछले कई महीने से चौंक में लगे फुव्वारे बंद होने के कारण इस चौंक की सुंदरता को ग्रहण लग गया है।

फव्वारे चलाने की मांग-

उधर राहगीर रोहित, मनी, साहिल आदि का कहना है कि उक्त चौंक की हालत काफी खस्ता हालत होती जा रही है। जिसका मुख्य कारण इसकी अच्छी तरह से देखरेख न होना है। उन्होंने कहा कि कई लोगों द्वारा इसमें गंदगी फैलाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस चौंक की अच्छी तरह से देखरेख करके बंद पड़े हुए फव्वारों को चलाने का प्रयास किया जाए।

जल्द ठीक करवा दिया जाएगा : कौंसिल अध्यक्ष

उधर नगर कौंसिल के प्रधान बलजीत सिंह पाहड़ा ने कहा कि फव्वारे चलने वाली मशीन में कुछ तकनीकी खराबी चल रही है। जिसको जल्द ही ठीक करवा कर इसे चलाया जाएगा।

Edited By: Jagran