पंजाब के बटाला में किसान ने की आत्महत्या, बैंक मैनेजर पर परेशान करने का आरोप
बटाला के नंगल झौर गांव में किसान मंजीत सिंह ने आत्महत्या कर ली, परिजनों ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर ...और पढ़ें

बटाला में किसान ने की आत्महत्या, बैंक मैनेजर पर उत्पीड़न का आरोप।
HighLights
किसान मंजीत सिंह ने नंगल झौर गांव में आत्महत्या की
परिजनों ने पीएनबी मैनेजर पर पैसे निकालने का आरोप लगाया
किसान मैनेजर पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर
जागरण संवाददाता, बटाला। जिले के गांव नंगल झौर में बुधवार रात को 54 वर्षीय किसान मंजीत सिंह ने आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पंजाब नेशनल बैंक मठौला ब्रांच के मैनेजर ने मंजीत सिंह के खाते से बिना पूछे पैसे निकाल कर लिमिट वाले खाते में डाल दिए थे।
इससे मंजीत सिंह पिछले काफी दिनों से परेशान था। परिजनों ने आरोप लगाया कि बैंक मैनेजर की तरफ से परेशान करने के कारण ही मंजीत सिंह ने आत्महत्या की है। बैंक मैनेजर पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने परिजनों के साथ मिलकर बैंक के बाहर धरना शुरू कर दिया है।
मनप्रीत सिंह ने कहा कि उनके पिता मंजीत सिंह काफी दिनों से परेशान रहे रहे थे। मनप्रीत सिंह ने अपनी जमीन पर बैंक से लिमिट बनवा रखी थी। इसमें से कुछ पैसे उसने खेती के लिए निकाले थे, लेकिन बैंक के मैनेजर उनके पिता को बहुत परेशान कर रहा था और दबाव डाल रहा था कि लिमिट वाले खाते में पैसे जमा करवाएं।
उसने बताया कि धान की फसल के पांच लाख 40 हजार रुपये जैसे ही बैंक में आए तो बैंक मैनेजर ने पूरे पैसे खाते से निकाल कर लिमिट वाले खाते में डाल दिए। मनप्रीत सिंह ने बताया कि अभी जमीन का ठेका देना था। जबकि खाद और दवाओं के पैसे भी बाकी हैं। इसी कारण उनका पिता मंजीत सिंह काफी मानसिक परेशानी में रहते थे।
मंजीत सिंह ने कुछ दिन पहले ही वीडियो बना कर कहा था कि उन्होंने अपने छोटे बेटे और बहू को 60 लाख रुपये कर्ज लेकर कनाडा भेजा था, लेकिन वहां जाकर बेटे और बहू ने मेरा हाल पूछना भी गंवारा नहीं किया। गांव में उसका एक बेटा मनप्रीत सिंह ठेके पर जमीन लेकर खेती कर अपना गुजारा कर रहा है। मनप्रीत सिंह के खाते में धान की फसल के पैसे आए थे।
मरने से पहले मंजीत सिंह के पास हाथ से लिखा एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार बैंक के मैनेजर को बताया है। वहीं मंजीत सिंह की मौत की खबर सुन कर किसानों ने स्वजनों के साथ पीएनबी ब्रांच मठौला के सामने धरना लगा दिया है। तरसेम सिंह माझा किसान संघर्ष कमेटी के कहा कि किसानों को भी बैंक का कर्ज देना होता है। जैसे ही फसल के पैसे किसान के खाते में आते हैं बैंक तुरंत पैसे निकाल कर कर्ज वाले खाते में जमा करवा देते हैं।
इस मामले में भी बैंक मैनेजर ने ऐसा ही किया है। मंजीत सिंह पर बैंक का करीब 15 लाख का कर्ज था, लेकिन बैंक ने न तो मंजीत सिंह को कभी इस बारे में कोई नोटिस दिया और न ही कभी बात की। बिना नोटिस और जानकारी के बैंक मैनेजर ने फसल के पैसे निकाल कर लिमिट वाले खाते में जमा करवा दिए। यह तो सरासर मंजीत सिंह के साथ नाइंसाफी की गई है। किसान नेता ने मांग है कि आरोपित बैंक मैनेजर पर कार्रवाई की जाए और लिमिट वाले खाते से पैसे वापस मंजीत सिंह के बेटे मनप्रीत सिंह के खाते में जमा कराए जाएं।
परेशान करने का आरोप गलत : बैंक मैनेजर
मामले को लेकर बैंक मैनेजर अनुपम ने कहा कि बैंक की तरफ से मंजीत सिंह के बेटे की लिमिट वाले खाते की रिकवरी के दौरान मंजीत सिंह के खाते से पैसे निकाले गए हैं। अपने ऊपर लगे मंजीत सिंह को परेशान करने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस इस मामले में उनका कोई लेना नहीं है।
