संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक बेनतीजा होने पर वीरवार को मिनिस्टीरियल कैडर के कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल कर रोष जताया। इससे सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप हो गया और लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। डीसी दफ्तर, कचहरी, परिवहन विभाग आदि में कोई काम नहीं हुआ।

सांझा मुलाजिम व पंजाब स्टेट मिनिस्टिीरियल सर्विसज यूनियन के जिला चेयरमैन बलजिदर सिंह सैनी, लखविदर सिंह गोराया, सरबजीत व सावन सिंह ने संयुक्त तौर पर कहा कि मिनिस्टीरियल कर्मियों की मांगों पर बार-बार बैठक करने के बावजूद भी सरकार टालमटोल की नीति अपना रही है। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल लगातार जारी रखी जाएगी। कर्मचारियों ने कहा कि पिछले लंबे समय से उनकी मांगें लटकती आ रही हैं। कई बार सरकार से उनकी अधिकारिक मांगों को स्वीकार करने की मांग रखी गई है, लेकिन सरकार की नीति कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर करने वाली है। सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं कर रही। इस कारण उनको बार-बार हड़ताल करनी पड़ रही है। इससे पहले भी वे कई बार कमलछोड़ हड़ताल कर चुके हैं। हर बार उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। इस कारण कर्मचारियों में सरकार प्रति भारी रोष देखने को मिला रहा है। इस अवसर पर गुरप्रीत सिंह बब्बर सिचाई विभाग, सतीश कुमर सैनी हेल्थ विभाग, मैनूअल, प्रगट सिंह, जतिदर पठानिया, गुरदित्त सिंह आदि उपस्थित थे। ये हैं मांगें

कर्मचारियों ने मांग की कि महंगाई भत्ते की चार किस्तें दी जाए, छठा पे कमिशन लागू किया जाए, 1-1-04 के बाद भर्ती हुए मुलाजिमों की पुरानी पेंशन लागू की जाए, 200 रुपये लगाया गया जजिया टैक्स बंद किया जाए।

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