संवाद सहयोगी, दीनानगर : प्रशासन एवं पुलिस की लापरवाही के चलते दीनानगर में इन दिनों अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था चौपट होती नजर आ रही है । हलाकि इस संबंधी कई बार लोगों द्वारा व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन से गुहार लगाई है लेकिन, अभी तक लोगों की समस्याओं से निपटने के लिए दोनों नाकाम रहे हैं। शहर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगे हुए पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। शहर में यातायात व्यवस्था इस तरह से गुल है कि लोगों ने पुलिस की नाकामी के चलते सड़कों पर ही वाहनों को खड़ा करना शुरू कर दिया है। यही नहीं लापरवाही के चलते दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों को सड़क के बीच तक सटा लिया है, जिसके चलते प्रतिदिन जाम की समस्या पैदा हो रही है। गर्मी के कारण जाम में फंसकर लोगों को बेहाल होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जनता को पेश आ रही समस्याओं को लेकर नगर कौंसिल प्रशासन जरा सी भी गंभीर नहीं है। शहर में यातायात व्यवस्था ठप होने की मूल वजह दुकानदारों की ओर से दुकानों के करीब 10 फीट बाहर तक अवैध रूप से सजाया गया निजी सामान है। शहर का कोई भी ऐसा मार्ग नहीं है, जहां पर दुकानदारों ने अतिक्रमण न किया हो। प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो उनका कहना है कि समय-समय पर शहर में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई तो की जाती है लेकिन, राजनीतिक दखलंदाजी अतिक्रमण अभियान में मुख्य बाधा बने हुए हैं। कार्रवाई के दिनों के दौरान जहां विभिन्न दुकानदार अपनी राजनीतिक पहुंच होने धौंस जमाते हैं तो वहीं कार्रवाई करने के लिए आए हुए अधिकारियों से भी खूब बहस करते हैं। ऐसे में शहर में अतिक्रमण से मुक्त हो पाना बेहद मुश्किल प्रतीत होता है। शहर के नेताओं को चाहिए कि अगर वह शहर को अतिक्रमण मुक्त व यातायात व्यवस्था को सुचारु रुप से देखना चाहते हैं तो वह सबसे पहले ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेरित करें। यह नहीं है कि नेताओं की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए प्रेरित नहीं किया जाता। लेकिन दूसरी ओर राजनीतिक पार्टियों के नेता पलटवार करते हुए उक्त दुकानदारों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं करने देते, जिसके चलते अतिक्रमण अभियान केवल अधिकारियों की फाइलों तक ही बनकर रह गया है। पार्किंग न होना भी यातायात की समस्या

शहर में कई ऐसी कमर्शियल बि¨ल्डग्स है जिसके पास स्वयं की पार्किंग न होने के चलते वह अपने वाहनों को बीच सड़कों में खड़ा कर जाते हैं, जो अक्सर जाम का कारण बनते हैं। ऐसे में नगर कौंसिल अधिकारियों को भी चाहिए कि वह ऐसे बि¨ल्डगों के मालिक के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें, ताकि लोगों को पेश आ रही समस्याओं से निजात मिल सके। हैरानी की बात तो यह है कि ऐसी इमारतों में सबसे अधिक वह इमारतें हैं, जहां सबसे अधिक रेवेन्यू प्राप्त होती है, जिनमें बैंक सबसे अधिक है। ऑटो चालक भी दिखाते हैं राजनीतिक रौब

शहर में कई जगह पर ऑटो चालकों की ओर से अवैध रूप से ऑटो स्टैंड बना लिए गए हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारी रोजाना ऑटो स्टैंड से गुजरते हैं लेकिन, चाह कर भी कोई कार्यवाही नहीं कर पाते क्योंकि ऑटो चालक भी अपना राजनीतिक रौब दिखाते हैं। कई बार देखा गया है कि जब पुलिसकर्मी इन ऑटो चालकों पर कार्यवाही करने लगती है तो अक्सर इनके फोन मंत्रियों को जाने लगते हैं, ऐसे में शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था कैसे दुरुस्त हो सकती है? कार्रवाई ना होने से अतिक्रमण से प्रफुल्लित हो रहा शहर

अधिकारियों द्वारा कारवाई ना किए जाने के चलते शहर में अतिक्रमण निरंतर बढ़ता चला जा रहा है। शहर के मुख्य मार्ग, मेन बाजार, रेलवे रोड, बहरामपुर रोड, तारागढ़ रोड आदि अन्य मार्गों पर दुकानदारों की ओर से अपने सामानों को बाहर सड़कों तक सजाया गया है। लेकिन अधिकारियों के डंडे के बिना दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि वह दिन-प्रतिदिन अपने सामानों को आगे से आगे बढ़ाते चले जा रहे हैं। जल्द की जाएगी कार्रवाई: ईओ

नगर कौंसिल के ईओ अनिल मेहता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जल्द ही शहर में फिर से अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पहले चालान किए गए हैं उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी जबकि अन्य दुकानदारों का समय देकर अतिक्रमण को खाली करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।

Posted By: Jagran