संवाद सहयोगी, बटाला : डायबिटीज या मधुमेह नामक बीमारी लोगों को मौत की ओर ले जाती है। मधुमेह एक प्रकार का धीमा जहर है, जो बदले में कई भयानक बीमारियों का कारण बनता है। माता सुलखनी जी सिविल अस्पताल के एसएमओ संजीव भल्ला ने मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत लोगों को मधुमेह रोग संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि मधुमेह रोग पूरे विश्व में अपने पैर पसार रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में हर परिवार में एक या एक से ज्यादा परिवारिक सदस्य इस बीमारी के प्रभाव से पीड़ित हैं। साल 2014 में विश्व भर के प्रत्येक 11 में से 1 व्यक्ति डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित था। साल 2015 में सिर्फ भारत में ही मधुमेह के 69.1 मिलियन (व्यस्क जनसंख्या 8.7 प्रतिशत) मामले शामिल हैं। साल 2019 तक इन आंकड़ों में विस्फोटक में बढ़ावा हुआ है।

डॉ. भल्ला ने कहा कि इस वक्त लगभग 199 मिलियन से अधिक महिलाएं मधुमेह से पीड़ित हैं। साल 2040 तक तक यह संख्या बढ़कर 313 मिलियन तक पहुंच सकती है। विश्व स्तरीय पर मधुमेह महिलाओं की मौत का नौंवा सबसे प्रमुख कारण है। हर साल लगभग 2.1 मिलियन महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण ही होती है। डॉ. भल्ला ने बताया कि मधुमेह एक प्रकार का पाचन तंत्र विकर है, जो रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। आम तौर पर मधुमेह टाइप-1 और टाइप-2 का होता है। टाइप-1 मधुमेह रूप में आटोइम्यून बीमारी है। शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन पैदा करने वाले सैल पर हमला करते हैं। नतीजे की तरफ से बहुत कम मात्रा में या नामात्रा इंसुलिन पैदा होता है। टाइप-2 मधुमेह में इंसुलिन बहुत ज्यादा मात्रा में पैदा होता है, पर प्रतिरोधक ताकत ज्यादा होने के कारण इंसुलिन का प्रभाव कम हो जाता है। ये हैं लक्षण

बार-बार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, भूख लगना, वजन में वृद्धि, चिड़चिड़ापन, व्यवहार में अस्थिरता, जनन-मूत्र मार्ग में खुजली या संक्रमण। ये लक्षण टाईप-2 मधुमेह के होते है। ये करें

नियमित रूप से टहलें, व्यायाम करें। दवाएं और खाना-पीना ठीक रखना चाहिए।

Posted By: Jagran

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