संवाद सहयोगी, काहनूवान : प्राइवेट स्कूल बस मालिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की बैठक प्रधान अनूप सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें स्कूल ट्रांसपोर्ट को आने वाली मुश्किलों व मौजूदा हालात में भूखमरी से जूझ रही ट्रांसपोर्ट के मालिकों ने अपनी मुश्किलें साझी की।

वक्ताओं ने बताया कि कोरोना काल की आड़ में प्राइवेट स्कूलों ने बच्चों के अभिभावकों से मोटी फीसें वसूली हैं, लेकिन स्कूल बसों के आपरेटरों के मालिकों को अदायगी नहीं की है, जबकि उनकी पिछली अदायगी व अन्य पैमेंट फसी हुई है। अकाल अकेडमी तिब्बड़ के ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि पिछला बकाया साल 2014 से हाईकोर्ट के आदेशों अनुसार मिलना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार बनती राशि पर सात फीसद व्याज व साल 2020 व 2021 के अब तक के बकाए भी 70 फीसद बस मालिकों को नहीं मिले। उन्होंने कहा कि जब भी स्कूल खुलेंगे वे स्कूलों के गेट के समक्ष धरना लगाएंगे।

उधर, स्कूल ट्रांसपोर्ट मैनेजर इंद्रप्रीत सिंह ने बताया कि बस मालिकों के साल 2018 व 2019 में ट्रांसपोर्टर कांट्रैक्ट खत्म हो चुका है तथा न ही सरकार या शिक्षा विभाग की ओर से ट्रांसपोर्टर को कोई पैसा देने की गाइडलाइन है। उन्होंने बताया कि इससे सस्ती ट्रांसपोर्ट उनको बाजार में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इन ट्रांसपोर्टरों का स्कूल की ओर कोई बकाया नहीं है। इसलिए उनकी ओर से स्कूल की ओर से निकाले जा रहे बताया का कोई मामला नहीं है।

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