सुनील थानेवालिया, गुरदासपुर : 2017 में पंजाब में सत्ता परिवर्तन होने के बाद पहले ही जिला स्तरीय आजादी दिवस समारोह के दौरान पहुंचे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह द्वारा जिले के अहम प्रोजेक्टों को मंजूरी देने की घोषणा की गई थी। लेकिन उक्त घोषणाओं पर ढाई साल बाद भी अमल न होने के चलते लोगों की उम्मीदें मायूसी में बदलती जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री के बाद भी समय समय पर कांग्रेसी मंत्रियों व बड़े नेताओं द्वारा उक्त प्रोजेक्टों पर जल्द ही काम शुरु करने के दावे किए गए, जो कि वफा नहीं हो सके।

गौरतलब है कि 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के कुछ समय के बाद ही लोक सभा हलका गुरदासपुर के तत्कालीन सांसद विनोद खन्ना का निधन हो गया। जिसके बाद उप चुनाव की घोषणा को देखते हुए नई सरकार के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह द्वारा जिले में आयोजित जिला स्तरीय आजादी दिवस समारोह में शामिल होकर इसे राज्य स्तरीय बना दिया गया। यही नहीं मुख्यमंत्री द्वारा उप चुनाव में पार्टी उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने के लिए जिले में कई बड़े प्रोजेक्टों की मंजूरी दी गई। यहां तक कि उक्त प्रोजेक्टों के लिए ग्रांट मंजूर करने की भी घोषणा कर दी गई। जिसको देखते हुए लोकसभा हलका गुरदासपुर के लोगों द्वारा 2017 में हुए उपचुनाव में कांग्रेसी उम्मीदवार को बड़े अंतर से जीत दिलाई गई। लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणाएं केवल घोषणाएं ही बनकर रह गई। यह थीं अहम घोषणाएं-

मुख्यमंत्री द्वारा की गई अहम घोषणाओं में गुरदासपुर के बस अड्डे के लिए 20 करोड़ रुपए, दीनानगर बहरामपुर रोड पर बनने वाले फ्लाई ओवर के लिए 45 करोड़ रुपए सहित गुदासपुर-मुकेरियां रोड पर तिब्बड़ी फाटक पर अंडर ब्रिज बनाने के प्रोजेक्ट मुख्य थे। लेनिक इनमें से किसी भी प्रोजेक्ट पर काम शुरु नहीं हो पाया है। काबिले जिक्र है कि गुरदासपुर बस अड्डे का नींव पत्थर 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा भी रखा गया था। लेकिन न तो उस सरकार के समय काम शुरु हो पाया और न ही मौजूदा सरकार अपने ढाई साल कार्यकाल के दौरान इस प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर पाई है। फ्लाईओवर का दो बार रखा नींव पत्थर-

दीनानगर के बहरामपुर रोड पर रेलवे लाईन पर बनने वाले फ्लाईओवर बनाने की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा करने के बाद पहले कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी और बाद में गुरदासपुर के सांसद रहे सुनील जाखड़ द्वारा भी नींव पत्थर रखा गया। लेकिन इसका काम शुरु नहीं हो सका। हालांकि इस पुल के निर्माण से लाईन के पार पड़ते 25 से 30 गांवों के लोगों को सीधे रुप से लाभ मिलेगा। जल्द होंगे शुरू : मंत्री

मामले संबंधी कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उक्त प्रोजेक्टों को जल्द शुरु करने के लिए कार्रवाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही उक्त प्रोजेक्टों को मुकम्मल करके लोगों को राहत दी जाएगी।

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