जागरण संवाददाता, गुरदासपुर : केंद्रीय जेल में मंगलवार सुबह को तलाशी अभियान के दौरान कैदी व हवालाती भड़क गए। जेल मंत्री सुख¨जदर ¨सह रंधावा के निर्देशों पर एसएसपी व जेल प्रशासन द्वारा जेलों को नशा व मोबाइल के इस्तेमाल से मुक्त करने के लिए लगातार की जा रही कार्रवाइयों के बावजूद कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। मात्र 20 दिनों में केंद्रीय जेल में जांच में 20 मोबाइल बरामद हुए हैं। इससे साबित होता है कि केंद्रीय जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मंगलवार को उस समय देखने को मिला, जब तीन मोबाइल फोन बरामद होने के बाद जेल प्रबंधन द्वारा की गई सख्ती से नाराज कैदियों ने हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया और इसकी सूचना मोबाइल फोनों के माध्यम से बाहरी लोगों को फोन कर खुद ही दे दी।

केंद्रीय जेल में पंजाब सरकार की ओर से मोबाइल के प्रयोग को रोकने के लिए जेल परिसर के अंदर जैमर लगाए है। इसके बाद जेल परिसर से कोई भी कर्मचारी और कैदी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकता, लेकिन केंद्रीय जेल गुरदासपुर में कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल आराम से करते हैं। हालांकि पहले जब जेल प्रबंधकों ने जैमर की रेंज तेज की थी तो स्थानीय लोगों ने भी इस बात का विरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय जेल में मोबाइल का इस्तेमाल इस बात को साबित करता है कि यह गोरखधंधा जेल में तैनात अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है।

जेल मंत्री सुख¨जदर ¨सह रंधावा के मंत्री बनने के बाद उन्हें किसी समर्थक द्वारा जेल से फोन करके बधाई दी गई थी। इसके बाद रंधावा ने मीडिया के समक्ष पेश होकर पंजाब की सभी जेलों से मोबाइल का इस्तेमाल और नशे को पूरी तरह से खत्म करने का दावा किया था। फिलहाल रंधावा के अपने पैतृक जिला गुरदासपुर की केंद्रीय जेल में ही मंत्री का दावा पूरा होता नजर नहीं आ रहा। एक तरफ जहां आए दिन चे¨कग के दौरान जेल से लगातार मोबाइल फोन मिल रहे है, वहीं अभी भी कैदियों व हवालातियों द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंगलवार को जेल में हुए हंगामे की सूचना भी कैदियों द्वारा खुद फोन करके मीडिया कर्मियों व अन्य लोगों को दी गई। 14 महीने बाद फिर से हुड़दंग

केंद्रीय जेल गुरदासपुर में पूर्व जेल अधीक्षक दिलबाग ¨सह के समय में भी जेल परिसर में बंद कैदियों और कुख्यात गैंगस्टर ने हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया था। यह घटना भी करीब 14 महीने पुरानी है, तब गुरदासपुर में तत्कालीन एसएसपी भूपेंद्र ¨सह विर्क थे। वहीं जेल में हुड़दंग मचाने के बाद राज्य सरकार ने जेल अधीक्षक रणधीर ¨सह उप्पल को यहां की कमान दी थी। इसके बाद हुड़दंग जैसी कोई शिकायत सामने नहीं आई लेकिन मोबाइल मिलने संबंधी रणधीर ¨सह उप्पल पर गाज गिरने के बाद करीब 1 माह बाद दोबारा से गुरदासपुर की जेल में कैदियों ने बवाल मचाने की कोशिश की लेकिन जिला प्रशासन राज्य प्रबंधकों की होशियारी से स्थिति को काबू कर लिया गया।

नहीं हो पाई मुलाकात

जेल प्रशासन की ओर से कैदियों से उनके परिजनों की मुलाकात करवाने के लिए सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार व शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। इसके चलते मंगलवार को कैदियों से परिजनों का मुलाकात का दिन था। इससे पहले ही जेल में विवाद होने के चलते जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात का कार्यक्रम रद कर दिया गया। इसके चलते दूर दूर से जेल में बंद अपने परिवारिक सदस्यों से मिलने आए लोगों को बैरंग ही वापिस लौटना पड़ा। जबकि बुधवार को भी मुलाकात न होने की संभावना जताई जा रही है।

Posted By: Jagran

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