फिरोजपुर [अमनदीप सिंह]। किस्मत भी जीवन में नए-नए रंग दिखाती है, कभी खुशी-कभी गम। मोगा जिला के धर्मकोट के गांव रेड़मा निवासी मुख्तयार सिंह व पत्नी स्वर्ण कौर के जीवन पर समय बहुत बड़ा घाव दे गया। मुख्तयार सिंह व स्वर्ण कौर ने खुशी-खुशी अपनी छोटी बेटी के रविवार के दिन जहां हाथ पीले करके उसे विदा किया। वहीं, दो दिन के बाद ही उनकी बड़ी बेटी सुखविंद्र कौर का सिंदूर मिट गया। सुखविंद्र कौर के पति बुद्ध प्रकाश की घर वापस लौटते सड़क हादसे में मौत हो गए। ऐसे में सुखविंद्र कौर के पिता मुख्तयार सिंह व माता स्वर्ण कौर को यह समझ नहीं आ रहा है कि दो दिन पहले घर से विदा की बेटी के घर बसने की खुशी मनाए या बड़ी बेटी के सुहाग उजड़ने का मातम।

वक्त ने उन्हें ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है कि वह सदमे में है। परिवार के अन्य लोग उसे संभालने की कोशिश में जुटे हुए हैं। मुख्तयार सिंह के साथ बात की गई तो उनकी आंखों में आंसू टपकने लगे। नम आंखों से मुख्तयार सिंह ने कहा कि दामाद की मौत ने उसे तोड़कर रख दिया है। मुख्तयार सिंह ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। बेटा बारहवीं कक्षा में पढ़ाई करता है और बेटियां सुखविंद्र कौर और किरण कौर हैंं।

आठ माह पहले ही धूमधाम के साथ सुखविंद्र कौर की शादी फाजिल्का जिला के ब्लाक जलालाबाद गांव चक्क अराइयां निवासी बुद्ध प्रकाश (25) आरएमपी डॉक्टर के साथ की थी, जिसकी हादसे में मौत हो गई। बुद्ध प्रकाश ने धर्मकोट के गांव सैद जलालपुर में ही चिकित्सालय खोला था और अस्थाई रूप से वहीं पर रहता था। वीरवार से बुद्ध प्रकाश ससुराल में आकर रह रहा था, क्योंकि उसकी छोटी बेटी किरण कौर का गांव में ही रिश्ता तय हुआ था और रविवार को उसकी सादे तरीके के साथ घर में ही शादी रखी थी। बुद्ध प्रकाश भी शादी में शामिल हुआ और दो दिन के बाद उसकी मौत हो गई।

गैर इरादतन हत्या का केस

वहीं, पुलिस ने बुद्ध प्रकाश (25) के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। इसके साथ ही अज्ञात टिप्पर चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।

 

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