दर्शन सिंह, फिरोजपुर : अगर आप कहीं जा रहे तो रास्ते में कोई कुत्ता आ जाए तो आप का क्या हाल हो जाता है ये मुसीबत का सामना करने पर फूलने वाली सांस से ही लगाया जा सकता है, लेकिन अगर वही कुत्ता आप को काट लेता है तो उसके बाद होने वाले इलाज व पेट में लगने वाले वैक्सीन से ही लगाया जा सकता है। मगर जिस तरह जिले में दिन प्रति दिन खूंखार कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है उससे लोगों का जीना मुश्किल हो चुका है, लोगों का घर के निकलना मुश्किल हो चुका है और रोजाना कुत्तों के काटने के केस सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। लगभग 50 के करीब नए डॉग बाइट केस

सेहत विभाग के रिकार्ड के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पतालों की बात करें तो रोजाना कुत्ते के काटने के लगभग 50 के करीब नए केस सामने आ रहे है, इसमें फिरोजपुर शहर के अकेले सिविल अस्पताल में रोजाना 15 से 20 नये मरीज इलाज करवाने पहुंच रहे हैं । पुराने इलाज करवाने वालें मरीजों को मिलाकर रोजाना 30 से 35 मरीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे है। बाजार से 400 रुपये तक,अस्पताल में फ्री इलाज

कुत्ते के काटने पर मरीजों को लगने वाले वैक्सीन टीके की बात करें तो बाजार से ये टीका 400 रुपये तक मिलता है, लेकिन सरकारी अस्पताल में यही टीका निशुल्क लगाया जाता है अन्य दवाएं भी फ्री में दी जाती हैं, अगर किसी समय ये टीका अस्पतालों में नही मिलता तो समस्या गरीब परिवारों के लिए गंभीर बन जाती है। सिविल सर्जन ने कहा कि उनकी तरफ से यही प्रयास रहता है कि एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक पूरा रहे है। खूंखार कुत्ते के काटने पर लगते है 5 टीके

सिविल अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने वाली इंचार्ज राजवंत कौर ने बताया कि अगर खूंखार कुत्ते के काटने का केस होता है तो जख्मी होने वाली मरीज को पांच टीके लगाये जाते है, लेकिन अगर पालतु कुत्ता काटे तो घायल होने वाले मरीज को तीन टीके लगाये जाते है। जिले में 2400 के करीब कुत्तों की संख्या

जिला फिरोजपुर में कुत्तों कीं संख्या की बात करें तो अवाला कुत्तों को मिलाकर संख्या 2400 के लगभग है । इस संख्या में 1800 के करीब अवारा कुत्ते है जबकि 600 के करीब पिटबुल समेत अन्य नस्ल के कुत्ते है। चार साल पहले आर्मी एरिया में कैंट बोर्ड की थी कार्रवाई

पूर्व वेटरनरी डिप्टी डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह खोसला ने बताया कि उनके समय करीब चार साल पहले कैंट बोर्ड की तरफ से आर्मी एरिया में कुत्तों के खिलाफ मुहिम चलाकर नसबंदी की गई थी, लेकिन इस दौरान कौंसिल अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने के लिए कोई मांग नहीं की गई, स्थिति ये है कि चार सालों के बाद भी नसबंदी करने की मुहिम नहीं चलाई गई। जल्द छेड़ी जाएगी मुहिम: ईओ-

नगर कौंसिल के कार्यसाधक अफसर परमिदर सिंह सुखीजा ने कहा कि अगले सप्ताह मीटिग की जा रही है और इसमें मता पास कर कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई करने की जाएगी, जल्द ही मुहिम छेड़ अवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी ।

Posted By: Jagran

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