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इटली भेजने का झांसा देकर लिए सात लाख, रूस में काटनी पड़ी जेल

शहर के कसूरी गेट के निकट पंक्चर लगाने वाले एक व्यक्ति ने रोमानिया गए बेटे को इटली भेजने के लिए जालंधर के ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर पहले अपनी चार कनाल जमीन बेच दी और फिर दो लाख रुपये का कर्ज लेकर एजेंटों को करीब सात लाख रुपये दिए। लेकिन ट्रैवल एजेंटों ने उसके बेटे को रूस भेज दिया जहां उसे जेल भी काटनी पड़ी। जेल से छुटने के बाद बेटा वापस आया तो आरोपितों ने पैसे लौटाने से मना कर दिया।

By JagranEdited By: Published: Wed, 27 Jan 2021 11:11 PM (IST)Updated: Wed, 27 Jan 2021 11:11 PM (IST)
इटली भेजने का झांसा देकर लिए सात लाख, रूस में काटनी पड़ी जेल
इटली भेजने का झांसा देकर लिए सात लाख, रूस में काटनी पड़ी जेल

संवाद सहयोगी, फिरोजपुर : शहर के कसूरी गेट के निकट पंक्चर लगाने वाले एक व्यक्ति ने रोमानिया गए बेटे को इटली भेजने के लिए जालंधर के ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर पहले अपनी चार कनाल जमीन बेच दी और फिर दो लाख रुपये का कर्ज लेकर एजेंटों को करीब सात लाख रुपये दिए। लेकिन ट्रैवल एजेंटों ने उसके बेटे को रूस भेज दिया, जहां उसे जेल भी काटनी पड़ी। जेल से छुटने के बाद बेटा वापस आया तो आरोपितों ने पैसे लौटाने से मना कर दिया। पुलिस ने जालंधर के बस स्टैंड के पास स्थित एचटीएस इमीग्रेशन कंपनी के दो ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ थाना सिटी फिरोजपुर में मामला दर्ज किया है।

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सब इंस्पेक्टर सुखचैन सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल 2019 को फिरोजपुर के एसएसपी को दी शिकायत में कसूरी गेट के रहने वाले 50 वर्षीय गुरनाम सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 के दौरान उसका बेटा सुखचैन सिंह रोमानिया गया था, जहां पर उसकी मुलाकात रिकू पुत्र मनजीत सिंह निवासी न्यू आदर्श नगर जालंधर हाल आबाद बलौंकी कलां मेहतपुर जालंधर के साथ हुई। सुखचैन ने रिकू से किसी तरह इटली जाने की इच्छा जताई तो रिकू ने उसे जालंधर की एचटीएस कंपनी के मालिक अवतार सिंह से बात करवाई। इस दौरान अवतार सिंह इटली भेजने के लिए सात लाख रुपये में सौदा तय कर लिया। पीड़ित ने बताया कि बेटे के कहने पर पहले अपने जानने वाले फाइनांसर से 2 लाख का कर्ज लेकर इमीग्रेशन कंपनी के मालिक अवतार सिंह को दिए और बाद में पांच लाख देने के लिए चार कनाल जमीन बेच डाली ।

पीड़ित ने बताया कि अवतार सिंह ने सुखचैन को रूस का एक माह का वीजा लगवाकर दे दिया और रिकू ने रुस की हवाई टिकट लेकर सुखचैन को दे दी और कहा मेरे आदमी तुझे इटली छोड़ आएंगे। बेटा रूस पहुंच गया, लेकिन रिकू वहां नही पहुंचा। रूस में उसके बेटे को एक माह धक्के खाने पड़े ही साथ ही एक दिन की जेल व 15 हजार रुपये जुर्माना भी भरना पड़ा। इसके बाद सुखचैन वर्ष 2019 में वापस भारत आ गया। बेटे के घर लौटने के बाद जब अवतार सिंह के पास जालंधर पहुंचे तो मौके पर मौजूद रिकू समेत इमीग्रेशन कंपनी के मालिक ने पैसे लौटाने के साफ इंकार कर दिया।


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