हरिके हेड, [प्रदीप कुमार सिंह]। वेलेंटाइन डे पर यहां एक अनोखी पहल, अद्भूत प्‍यार देखने को मिला। प्रदूषण से कराहती सतलुज को इस दिस मौके पर धार्मिक, सामाजिक व पर्यावरण से जुड़ी हस्तियों का अनोखा प्‍यार मिला। इन हस्तियों ने प्रदूषण से मैली हो गई सतलुज दरिया को बचाने का अभियान शुरू किया। बारिश के बावजूद ये बौद्धिक लोगों ने सतलुज को निर्मल बनाने का अभियान शुरू किया और सरकारी तंत्र को आईना दिखाया।

ये लोग खराब मौसम के बावजूद दरिया किनारे-किनारे घूमते रहे। दरिया के हालात जानने के लिए इन हस्तियों  ने लुधियाना में दरिया के प्रवेश करने से पहले और फिर लुधियाना शहर से दरिया के गुजरने के रास्‍ते व लुधियाना से बाहर निकलने पर दरिया की स्थिति का अवलोकन किया। उन्‍होंने इन सभी स्‍थानों पर नदी के जल के सेंपल एकत्र किए। इससे नदी के प्रदूषण की सही स्थिति का आकलन हो सकेगा। भाई कन्हैया कैंसर रोको सोसाइटी के बैनर तले एकत्र हुई प्रदेश भर की धार्मिक, समाजिक, पर्यावरणविद व डाक्टरों की टीम ने लुधियाना से हरिके हेड तक दरिया के किनारे-किनारे इसका मुआयाना किया।

धार्मिक, समाजिक, पर्यावरणविद व डाक्टरों ने जाना सतलुज में सीधे गिर रहे केमिकलयुक्त नालों का हाल

सतलुज दरिया की ठीक-ठीक हालत जानने के लिए टीम के सदस्यों ने इसके लुधियाना महानगर में प्रवेश करने से पहले कासबाद में उसके पानी को देखा और उसका नमूना लिया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने भट्टियां ट्रीटमेंट प्लांट देखा, जिसका गंदा पानी सतलुज नदी में सीधे गिर रहा है। इसके बाद टीम के सदस्यों ने ताजपुर रोड जेल के नजदीक स्थित ट्रीटमेंट प्लांट और जमालपुर ट्रीटमेंट प्लांट देखा।

टीम के सदस्‍य गुरप्रीत सिंह चंदबाजा ने बताया कि नदी में गिरते नालों को देख कर टीम के सदस्य हैरान रह गए। इन नालों से बिना फिल्टर के ही केमिकलयुक्त गंदा पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी ही नहीं मानवता के लिए बेहद हानिकारक है। इसी तरह से टीम के सदस्य हरिके हेड तक सतलुज दारिया में गिर रहे नालों की स्थित देखते हुए आगे बढ़े। चंदबाजा के अनुसार, वीरवार को नालों की स्थित देखने के बाद आने वाले दिनों में टीम के सदस्यों की बैठक आयोजित कर सतलुज को निर्मल करने के लिए संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।   

इन हस्तियों ने सतलुज को बचाने का छेड़ा अभियान

नदी को प्रदूषित से मुक्‍त कराने के लिएए कदम बढ़ाने वाले और अभियान छेड़ने वालों में पद्मश्री संत सेवा सिंह खंडूर साहिब, बाबा सुखजीत सिंह सीचेवाल, डॉ. प्यारे लाल गर्ग, डॉ अमर सिंह आजाद, पूर्व जत्‍थेदार ज्ञानी केबल सिंह, गुरप्रीत सिंह चंदबाजा, नायब शाही इमाम उस्मान रहमानी लुधियाना, धरमपाल सिंह, एडवोकेट जसविंदर सिंह, डॉ मनजीत सिंह जोड़ा, बीकेयू के मुख्‍य प्रवक्‍ता गुरमीत सिंह गोलेवाल, चरणजीत सिंह, एकता सिद्धपुर, मग्घर सिंह, जसकीरत सिंह आदि शामिल हैं।

'' विकास के साथ विनाश नहीं होना चाहिए। हवा, पानी को बनाया नहीं जा सकता। यह परमात्मा का बेशकीमती उपहार मानवता के लिए है। इन्‍हें बनाया नहीं जा सकता। इन्‍हें विकास के नाम पर प्रदूषित नहीं करना चाहिए। लुधियाना की फैक्टरियों का केमिकलयुक्त जहरीला पानी दरिया में नहीं गिराना चाहिए। सभी लोगों को दरिया व पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रयास करना होगा।

                                                          - पदमश्री संत सेवा सिंह खंडूर साहिब, सदस्‍य, पंजाब प्रदूषण बोर्ड।

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'' गुरु नानक जी की विचारधारा मानवता के लिए है, लेकिन कुछ लोग विचारधारा के उलट मानवता को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। लुधियाना की फैक्टरियां लोगों को बीमार कर रही है, दरिया व जमीन के साथ ही पर्यावरण को प्रदूषित कर रही है, अगर प्रदूषण को समय रहते नहीं रोका गया तो सबकुछ खत्म हो जाएगा।

                                                                        - ज्ञानी केबल सिंह, पूर्व जत्थेदार तख्त दमदमा साहिब।

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'' फैक्टरियों से निकला केमिकलयुक्त पानी सतलुज दरिया में गिर रहा है। इसका सेवन मालवा व राजस्थान के लोग कर रहे हैं। इस पानी के कारण ही कैंसर, हेपेटाइटिस, मंदबुद्धि बच्चों की संख्या बढ़ना, प्रचनन शक्ति का कम होना, कई प्राजातियों का लुप्त होना आदि गंभीर समस्या है।

                                                    - डॉ अमर सिंह आजाद, डायरेक्टर, सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन।

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'' लुधियाना के फैक्टरियों का केमिकलयुक्त पानी हैवी मेटलयुक्त है। हैवीमेटल युक्त पानी पीने से अपंगता बढ़ रही है। सरकार सुनिश्चित करे फैक्टरियों का गंदा पानी दरिया में न गिरे। इससे पंजाब की दरियां मर जाएगी, अगर दरिया मर गई तो पंजाब मर जाऊगा। सरकार सुनिश्चित करे कि फैक्टरियों का गंदा पानी दरिया में न गिरे बल्कि उसे फिल्टर कर दूसरे कामों में प्रयोग किया जाए।

                                                              - डॉ. प्यारे लाल गर्ग, पूर्व राजिस्टार, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी।

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'' ट्रीटमेंट प्लांटों में पानी साफ नहीं हो रहा है। प्लांटों में जैसा पानी आ रहा है बिना साफ हुए सतलुज में गिर रहा है। इससे दरिया का पानी दूषित हो रहा है। यह पानी किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने के लायक नहीं है। यह पशुओं के लिए भी नुकसानदायक है। फैक्टरियों का केमिकलयुक्त पानी मालवा व राजस्थान को बीमार बना रहा है, इसे रोकना ही होगा।

                                                                                                           - बाबा सुरजीत सिंह सीचेवाल।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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