जासं, अबोहर : केंद्र सरकार की किसान-मजदूर व मुलाजिम विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को विभिन्न संगठनों ने हड़ताल की। इसमें अबोहर नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी शामिल हुए। इन कर्मचारियों ने पंजाब म्यूनिसिपल एक्शन कमेटी के आह्वान पर हड़ताल कर रोष जताया। यूनियन ने मांग उठाई कि निजीकरण बंद किया जाए। न्यूनतम वेतन 21 हजार प्रतिमाह और दैनिक मजदूरी 700 रुपये की जाए। गैर कानूनी ठेका मजदूर प्रणाली व आउटसोर्सिग पर रोक लगाई जाए, समान काम के बदले समान वेतन सुनिश्चित करते हुए श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी संशोधनों को वापस लिया जाए। मोटर वाहन अधिनियम में किए गए जन विरोधी संशोधन वापस लिए जाएं। सभी विभागों में रिक्त पदों पर नियमित कर्मचारी भर्ती किए जाएं। रोजगार के नए अवसर पैदा करते हुए सरकारी कर्मचारियों को जनवरी 2004 के पहले वाली पेंशन दी जाए। घरेलू नौकरों के पंजीकरण को दोबारा शुरू कर उन्हें निर्माण मजदूरों के वर्ग में रखा जाए। संपत्ति कर का पांच प्रतिशत हिस्सा श्रमिक कल्याण निधि में जमां करवाया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि अगर शीघ्र कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापस न लिया तो सरकार के खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किए जाएंगे।

Posted By: Jagran

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