तरुण जैन, फिरोजपुर : पाक सीमा के समीप सतलुज दरिया में अवैध शराब निकालने की कई भट्ठियां सरेआम चल रही है। दिन-रात चलने वाली भट्ठियां में सतलुज के पानी से ही ट्यूबों व टैंकरों में रखकर शराब बनाई जाती है। शराब का धंधा करने वाले यह लोग इतने शातिर है कि पुलिस का भय इनके पास भी नहीं फटकता। पुलिस खानापूर्ति के नाम पर खाली ड्रम व लाहन जब्त कर वापस आ जाती है। माफिया के लोग पानी में तैरने में इतने माहिर है कि पुलिस को देखते ही पानी में छलांग लगा देते है और कहीं भी जा निकले किसी को पता नहीं चलता। युवा इसे मिन्नी आइलैंड कहते है

युवा इसे मिनी आइलैंड का नाम भी देते है और यह जमीन सतलुज के बीच में है। जानकार बताते है कि शराब का कारोबार करने वाले तस्कर बिना किसी डर के सरेआम शराब बनाकर बेचते है। हथियारों से लैस होकर बैठे तस्करों को न तो पुलिस का डर होता है और न ही किसी ओर का। उनका काम सिर्फ शराब बनाकर बेचना और पैसा कमाना है। किश्ती के माध्यम से शराब लेने पहुंचते है लोग

शराब लेने के लिए लोग मिन्नी आइलैंड नाम से जाने जाते सतलुज के बीच बनी इस फैक्ट्री में किश्ती के माध्यम से पहुंचते है। जहां देसी शराब की बोतल 120 रुपये, थैली 20 रुपये और कैन 480 रुपये में मिलता है। दिन भर के थके लोग शराब की थैली खरीदकर पीते और नशे की हालत में अपनी थकान दूर होने का दावा करते है। क्या कहते है एसएसपी

नशे के खिलाफ खूब तान ठोकने वाले एसएसपी भूपिंद्र सिंह ने कहा कि शराब माफिया के खिलाफ पूरे जिले में सख्त अभियान चल रहा है और किसी भी माफिया को सिर उठाने नहीं दिया जाएगा। पुलिस द्वारा पिछलें सात माह के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब की बोतलें और लाहन पकड़ी गई है और अनेक भट्टियों को बंद करवाया गया है।

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