संवाद सहयोगी, फिरोजपुर : 1992 में पंजाब पुलिस में भर्ती एक कांस्टेबल ने अपने मुलाजिम साथी को नौकरी बहाल करवाने के लिए 1.80 लाख की ठगी मार ली। आरोपित गुरुहरसहाय के गांव मोहन के हिठाड़ का रहने वाला है और मौजूदा समय में लुधियाना में तैनात है। लाल सिंह नामक कांस्टेबल भी किसी कारण नौकरी से डिसमिस कर दिया गया था, लेकिन होमसचिव की सिफारिश पर फिर से बहाल हो गया। डीएसपी स्तर की जांच के बाद आरोपित कांस्टेबल के खिलाफ धोखाधड़ी और रिश्वत लेने के आरोप में थाना कैंट में दर्ज किया गया है।

मामले के जांच अधिकारी डीएसपी शहरी बरिदर सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस से निलंबित किए गए मनजीत सिंह पुत्र जरनैल सिंह निवासी अक्कूवाला (थाना आरिफके) फिरोजपुर ने एसएसपी फिरोजपुर को चार अगस्त 2020 को शिकायत दी थी। जांच के दौरान पाया गया कि मनजीत सिंह और लाल सिंह साल 1992 के दौरान पंजाब पुलिस में कांस्टेबल भर्ती हुए थे और 1995 के दौरान किसी कारण मनजीत सिंह को नौकरी से डिसमिस कर दिया गया। सिपाही लाल सिंह जो उसके साथ ही डिसमिस हो गया था और होम सेक्रेटरी पंजाब (गृह व न्याय विभाग) चंडीगढ़ की सिफारिश से दोबारा बहाल हो गया था और अब वह जिला लुधियाना में सिपाही तैनात है। डीएसपी ने बताया कि सिपाही लाल सिंह ने मनजीत सिंह को नौकरी पर बहाल करवाने का झांसा दिया और इस एवज में 1.80 लाख की नकदी ले ली । लेकिन न तो लाल सिंह ने मनजीत को बहाल करवाया और न ही दिया पैसा वापस किया।

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