संवाद सूत्र, फिरोजपुर : शहर के लोको शैड रोड पर छिड़ी चुनावी चर्चा में उम्मीदवारों के बदले रंगों पर बात करते हुए लोगों ने कहा पार्टी बदलने और नई पार्टी से गठजोड़ के बाद उम्मीदवारों के झंडे और पटकों का रंग बदल गया है।

लोगों ने एक स्वर में कहा कि उम्मीदवारों को लोगों की कसौटी पर खरा उतारना होगा वर्ना आने वाला समय स्वार्थी राजनेताओं का नहीं होगा। यही वक्त होता है जनाधार बढ़ाने का। चुनावी चर्चा में शामिल रणजीत सिंह ने कहा जिस तरह से इस बार नामांकन प्रक्रिया चल रही है। इससे शहर वासियों और आम लोगों को राहत मिली है। वर्ना इन दिनों में शोर शराबे में जीना मुश्किल हो जाता था। बिना भीड़ और तामझाम के अकेले उम्मीदवार और उसके चुनिदा साथी ही रिटर्निंग आफिसर के पास जा रहे हैं। ये बेहतर भविष्य का सूचक है।

विवेक भसीन ने कहा चुनावी दंगल तो गर्म है, लेकिन चुनाव आयोग का डंडा भी गर्म है। नियमों का उल्लंघन न हो, सड़कों पर कैमरे की टीमें चल रही है। यही कारण है कि फालतू का शोर शराबा सड़कों पर नहीं है। वो वक्त भी नजदीक है जब लोग घरों से वोट पोल तक सकेंगे। चुनावों में बदलाव सराहनीय है। शुभम भसीन ने कहा कि बिना शोर शराबे और पब्लिसिटी के सीमित साधनों से चुनावी उम्मीदवारों को मुश्किल पेश आ रही होगी। अब खुद लोगों के बीच जाना पड़ रहा है। पहले केवल प्रचार के दम पर उम्मीदवार चुनाव जीतते रहे है, जो अब मुश्किल है। बबला कुमार ने कहा कि मतदाताओं को भी बदलाव का हिस्सा बनना होगा। विकास करने वाले उम्मीदवार को मौका देना चाहिए। सीमावर्ती इलाका समस्याओं से त्रस्त है, विकास नहीं हुआ। अब मतदाताओं की बारी है।

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