तरूण जैन, फिरोजपुर : अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ सटे जिले में कुछ लोगों द्वारा बिना बिल के पुराने मोबाइल की खरीद-फरोख्त का धंधा जारी है और सब कुछ जानते हुए भी पुलिस इस मामले में चुप्पी साधे बैठी हुई है। झपटमार सरेआम दिन-दिहाड़े बाजारों व गलियों में मोबाइल छीन्न ले जाते है और उन्हें आगे बेच देते है। छावनी के एक मंदिर में पुजारी का कार्य करने वाले मुकेश कुमार का कहना है कि वह गली नंबर 6 में मोबाइल पर बात करता जा रहा था कि बाइक पर आएं दो लोगों ने उसका मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए और उसके मोबाइल का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। असमाजिक तत्वों में नशाखोरी व बेरोजगारी के कारण वह छीना झपटी की वारदातों को अंजाम देते है और सस्ते दामों पर मोबाइल आगे बेच देते है। करीब एक दशक पहले भी सीमावर्ती इस जिले में मोबाइल पर नकली इएमआइ नंबर लगाने व बदलने के मामले सामने आ चुके है।

युवा समाजसेवी इंद्र गुप्ता ने कहा कि पुलिस को चाहिए कि नियमों को ताक पर रखकर बिना बिल के सैकेंड हैंड मोबाइल बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

पुलिस का मोबाइल विक्रेताओं से तालमेल: एसपी डिटेक्टिव

एसपी डिटेक्टिव अजयदीप सिंह ने कहा कि पुलिस का मोबाइल विक्रेताओं से पूरा तालमेल है और हमने मोबाइल विक्रेताओं को आदेश दे रखे है कि जो भी पुराना मोबाइल बेचने आएं उसके दस्तावेज भी लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर फिर भी कुछ लोग बिना बिल के पुराने मोबाइल बेच रहे है तो पुलिस जल्द चेकिग करके ऐसे लोगों को पकड़ेगी।

स्नेचिग कम हुई: एसपी हेडक्वार्टर

एसपी हेडक्वार्टर गुरमीत सिंह चीमा ने कहा कि पुलिस ने चौंक-चौराहों पर नाकाबंदी करने के अलावा गश्त भी बढ़ा रखी है ताकि लोग बेखौफ होकर रह सके। पहले से स्नेचिग की वारदातें भी कम हुई है।

Posted By: Jagran

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