तरुण जैन, फिरोजपुर : जिले की केंद्रीय जेल में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। हालात इस कद्र हैं कि जेल में न तो स्कैनर है और न ही मोबाइल के प्रयोग को रोकने के लिए जैमर। जेल में रोजाना कैदियों से मोबाइल बरामद हो रहे हैं। जेल परिसर को शिफ्ट करने का प्रोजेक्ट भी अधर में लटका है।

जेल अधिक्षक करणजीत सिंह संधू ने जब से पदभार संभाला है, तभी से जेल में जहां सुरक्षा परत मजबूत हुई है। इस माह जेल में 27 मोबाइल बरामद हो चुके हैं। 15 जनवरी को जेल के हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में चल रहे कंस्ट्रक्शन कार्य में लेबर द्वारा वैल्डिंग मशीन में मोबाइल डालकर बंदियों को सप्लाई करने वाले वर्कर का भंडाफोड़ हुआ। इसमें युवक ने बताया कि वह काफी दिनों से बंदियों को बाहर से लाकर फोन सप्लाई करता था। अधिक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने के बाद जहां बंदी कार्य में व्यस्त थे तो 150 से ज्यादा जेल कर्मियों ने जेल में चेकिग अभियान चलाया। इस दौरान तीन मोबाइल बरामद हुए। 25 व 26 जनवरी को जेल में जहां सात मोबाइल फोन बरामद हुए, वहीं 17 जनवरी को दो मोबाइल व नशे की गोलियां, 15 जनवरी को 11 मोबाइल, पांच जनवरी को चार मोबाइल बरामद हो चुके हैं। जेल मंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा का दावा है कि एक साल में पंजाब की जेलों से 1800 से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं। जेलो में गैंगस्टर राज खत्म करने में विभाग ने ठोस कदम उठाएं है।

जेल शिफ्ट करने का प्रोजेक्ट भी बस्ते में

राज्य में पूर्व अकाली सरकार के समय मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने जेल को गांव खाई फेमेके में शिफ्ट करने के लिए 150 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की थी। जेल की काफी भूमि को पुडा विभाग के अधीन कर करोड़ों रुपये में बेच दी। गांववासियों ने जेल बनने का विरोध करने के बाद सरकार ने इस प्रोजेक्ट को बीच में ही छोड़ दिया था। 44 एकड़ में बनने वाली नई जेल सभी सुविधाओं से लैस होनी थी। इसमें कैदियों को रखने की क्षमता भी ज्यादा होनी थी। अभी सेंट्रल जेल में 200 बंदी साम‌र्थ्य से ज्यादा रखे जा रहे हैं। इस बारे में डीसी चंद्र गैंद ने कहा कि जेल को शिफ्ट करने संबंधी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

नशे की सप्लाई का नेटवर्क तोड़ने का हो रहा पूरा प्रयास

जेल सुपरीटेंडेंट करणजीत सिंह ने कहा कि वह काम करने में विश्वास करते हैं। जेल के माहौल को कानून के मुताबिक सुचारू रूप से बनाए रखने और बंदियों में मोबाइल, नशीले पदार्थो की सप्लाई के नेटवर्क को तोड़ने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। जेल सुधार घर है और उसके मुताबिक ही वह यहां की व्यवस्था को चलाने के लिए प्रयत्नशील हैं, जेल में वह खुद आधी रात को भी चेकिग करते हैं।

Posted By: Jagran

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