संजय वर्मा, फिरोजपुर : रावण के वंशज बताते हुए रावण सेना मिशन अंबेडकर भारत, आदि धर्म समाज, शक्ति सेना पंजाब, सृष्टिकर्ता वाल्मीकि वेलफेयर सोसायटी, डेरा माता भिलनी, वाल्मीकि यूथ फ्रंट, वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस के सदस्यों ने रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले न जलाने की अपील की है। रावण सेना मिशन अंबेकर भारत के राष्ट्रीय प्रधान दीप दशानन ने कहा जिला प्रशासन को इस बारे पहले ही आगाह कर दिया था, लेकिन शहर की धार्मिक संस्थाओं के साथ उनके समाज की बात नहीं करवाई गई। अब दशहरे पर अगर कोई रावण दहन करता है तो वे धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज कराएंगे।

दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाने वालों को चेतावनी देते हुए रावण सेना मिशन और उनके सहयोगी संगठनों ने कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने कहा कि रावण उनके राजा थे और वे उनके वंशज है। दीप दशानन ने कहा कि हर साल दशहरे पर राजा रावण और मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतले जलाने से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही उनकी संस्थाओं ने डीसी विनीत कुमार को मांगपत्र देकर रावण दहन के कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन जिला प्रशासन ने इस तरफ कोई भी प्रयास नहीं किया गया। दशहरे का आयोजन करने वाली संस्थाओं से जिला प्रशासन ने कोई बातचीत नहीं की ताकि कोई बीच का रास्ता निकलता। भारतीय संविधान में धार्मिक भावनाएं आहत करने का किसी को अधिकार नहीं है। अब अगर उनके राजाओं के पुतले जलाए जाते हैं तो वे धार्मिक भावनाएं आहत होने का केस दर्ज करवाएंगे। बदल नहीं सकते धार्मिक परंपरा

शहर में रामलीला का आयोजन कर रही संस्थाओं और दशहरे में रावण दहन के आयोजकों ने कहा कि भारतीय धार्मिक परंपरा सदियों से चली आ रही है। रावण दहन बुराईयों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के साथ ही लोग अपने अंदर की बुराई को खत्म करने की शिक्षा लेते है। ऐसे में सदियों पुरानी परंपरा को कैसे बदला जा सकता है। प्रशासनिक स्तर पर रावण दहन न करने पर किसी ने चर्चा ही नहीं की।

राम बाग इलाके में रावण दहन की तैयारी

फिरोजपुर में राम बाग इलाके में रावण दहन की तैयारी की गई है। फिरोजपुर का सबसे बड़ा आयोजन राम बाग इलाके में ही होगा। इसके अलावा जिले के दूसरे शहरों में रावण दहन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है।

राजा रावण को श्रद्धांजलि

रावण सेना मिशन अंबेडकर भारत के सदस्य शुक्रवार सायं पांच बजे दिल्ली गेट में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर रावण, मेघनाद और कुंभकरण को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। मिशन के राष्ट्रीय प्रधान दीप दशानन ने कहा कि कलयुग में घोर पाप है, लेकिन उनके राजा बड़े तपस्वी थे, उनको श्रद्धांजलि देने वंशजों का फर्ज है।

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