अमनदीप सिंह/ कृष्ण कटारिया मल्लांवाला (फिरोजपुर) : कस्बा मल्लांवाला के गांव गट्टा बादशाह और दीनेके में मिट्टी की बोरियां लगाकर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण को तसल्ली तो मिली है, लेकिन सतलुज दरिया का तेज बहाव पानी ग्रामीण के लिए आफत बना हुआ है। ग्रामीण खौफजदा है। पिछले दो दिन से भूमि कटाव को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे थे, जिसके चलते कटाव पर तो नियंत्रण हुआ, लेकिन दरिया के बीच रेत का टिल्ला खीसकने से हालात नाजुक महसूस हो रहे है।

सतलुज दरिया में डेढ़ से दो कनाल में एक रेत का टिल्ला खड़ा था, जिस पर कटाव शुरू होने लगा है। रेत बहने लगी है। भूमि कटाव बनाए गए बांध से पंद्रह बीस फुट तक की दूर पर है। फिलहाल बोरियों से रोक लगी है, लेकिन बुधवार पानी का बहाव पहले से ज्यादा तेज हो गया है। सुबह आंख खुलते ही 200 ग्रामीण और लेबर बचाव कार्य में जुट जाती है। रात के समय निगरानी रखने के लिए फ्लड लाइटें लगाई हुई है जिससे पानी का स्तर देखने में मदद मिलती है और रोशनी से पानी के हावभाव समझना आसान हो जाता है। रात के समय 100 के करीब लेबर बांध के पास ही रूक रही है।

लोगों ने प्रशासन से पत्थर की मांग की थी, ताकि कटाव को मजबूती के साथ भरा जा सके और कटाव को रोका जा सके, लेकिन प्रशासन की तरफ से कहकर पत्थर भेजने से फिलहाल मना कर दिया गया है कि पानी उतरेगा तब ही पत्थर आसानी से लग सकेगा। मौके पर जाकर देखा गया तो सामने पाया कि सतलुज दरिया में पानी के बहाव में कमी के कोई आसार अभी दिखाई नहीं दिए है। गांववासियों का कहना है कि गत दिवस डीसी फिरोजपुर ने यहा का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उनके द्वारा उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि वह शीघ्र ही आर्मी की टीम लोगों की सहायता के लिए भेजेंगे। यही नहीं, डाक्टरों की टीम भी भेजेंगे, लेकिन उनके आश्वासन पर कोई जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ। मौके पर पहुंचे सत्कार कमेटी जिलाप्रधान गुरभेज सिंह ने बताया कि प्रशासन के लेटलतीफ रैवेये के कारण लोगों में काफी रोष है। गुरूद्वारा शाम सिंह अटारी के प्रबंधकों का कहना है कि संगत अपने दम पर बांध पर काम कर रही है। उनका कहना है कि पौंग डैम से पानी छोड़े जाने के कारण पानी के बहाव में पहले से तेजी आई है।

Posted By: Jagran

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