संवाद सूत्र, फिरोजपुर कैंट : छावनी बाशिदों की वोट कटने के मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। कैंटोनमेंट बोर्ड और पार्षदों के मध्य आरपार की लड़ाई शुरू हो गई है। मंगलवार को पार्षद जोरा सिंह संधू ने अपने निवास पर पत्रकारवार्ता करते कहा कि बोर्ड अधिकारी खुद के बचाव के लिए जनता की वोटों पर कैंची चला रहे हैं। जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश मुताबिक अवैध अतिक्रमण व निर्माण करने वालों के वोट काटे जा रहे हैं तो उस वक्त किन अधिकारियों की मर्जी से ये सब कुछ हुआ। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस कार्य के लिए बोर्ड के कुछ अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार है, जोकि कुर्सियों पर बैठकर जनता की वोट काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के 62 कैंटोनमेंट बोर्ड में सिर्फ फिरोजपुर ही ऐसा क्षेत्र है जहां पर धक्का करते हुए वोटों पर कैंची चलाई जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संधू ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों की वोट भी बोर्ड ने बना रखी है, जिन्होंने सरेआम कब्जे कर रखे है, लेकिन किराये पर रहने वाले और आम लोगों के वोटों को काटने में एक बार नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से ही बोर्ड की कार्यवाही ऑनलाइन होने से उन्हें पता चला जबकि इससे पहले किसी अधिकारी ने उन्हें ऑनलाइन रिकार्ड दिखाया ही नहीं। वहीं दूसरी ओर, सीईओ दमन सिंह ने कहा कि जिन लोगों की वोट काटी गई है वे जांच के बाद ही काटी है और अगर किसी को कोई एतराज है तो वह बोर्ड को लिखित में दे सकता है और उस पर विचार किया जाएगा। बोर्ड द्वारा इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील से सलाह ली जा चुकी है और बोर्ड पूरे कानून के मुताबिक कार्य कर रहा है।

वोट का अधिकारी छीनना बिल्कुल गलत

उधर, भाजपा मंडल अध्यक्ष गोबिद राम अग्रवाल ने कहा कि आजाद भारत में वोटिग के अधिकार से सरेआम धक्का किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं एडवोकेट रजनीश दहिया ने कहा कि बिना किसी नागरिक को बताए वोट काटना सीधे तौर पर गलत है और वह इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के अलावा बोर्ड अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही मानहानि का दावा करेंगे।

Posted By: Jagran