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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धान की 1.85 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित

By JagranEdited By:
Published: Tue, 25 Sep 2018 10:25 PM (IST)

फिरोजपुर : जिले में दो दिन हुई 54 एमएम बारिश व तेज हवाओं से जिले में धान की 1 लाख 85 हजार हैक्टेयर धान की प्रभावित हुई है।

धान की 1.85 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित
धान की 1.85 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित

जासं, फिरोजपुर : जिले में दो दिन हुई 54 एमएम बारिश व तेज हवाओं से जिले में धान की 1 लाख 85 हजार हैक्टेयर धान की प्रभावित हुई है। जिले में कई जगह ज्यादा बारिश से खेतों में पानी जमा होने के बाद हवाओं की वजह से धान की फसल गिरी है। कृषि विभाग ने फील्ड स्टाफ को नुकसान का प्रारंभिक सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। विभाग धान की फसल में 2 से 4 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान लगा रहे हैं। दूसरी तरफ किसानों ने नुकसान ज्यादा बताते हुए राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है। किसानों के अनुसार पकाव की अवस्था में बरसात होने की वजह से धान की फसल का नुकसान हुआ है। इससे कटाई में देरी होने से आलू और मटर की फसल की बिजाई में भी विलंब होगा।

भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के ब्लॉक प्रधान जस्सा माछीवाड़ा के अनुसार गांव माछीवाड़ा, पीर इस्माइल खां सहित अन्य स्थानों पर धान की फसल खेतों में बिछ गई। फसल जमीन पर गिरने से उत्पादन कम होगा। वहीं धान की क्वालिटी प्रभावित होने से अब इस फसल को बेचने में भ दिक्कत होगी। भारतीय किसान यूनियन डकोंदा के प्रेस सचिव हरनेक ¨सह के अनुसार अगेती फसल की अगले दो चार दिनों में कटाई शुरु होनी थी। बरसात से फसल गीली हो गई। इन दिनों में धान की फसल में पानी नहीं भरना चाहिए। अब पानी जमा है। इससे कटाई 10 दिन से ज्यादा लेट होगी। किसान समय पर आलू और मटर की बिजाई नहीं कर सकेंगे। इससे अगल फसलें भी प्रभावित होंगी।

दो दिनों में रिपोर्ट मिलने की उम्मीद:

मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रिछपाल ¨सह के अनुसार फील्ड स्टाफ को फसलों की स्थिति का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक ज्यादा नुकसान होना सामने नहीं आया है। मुख्य कृषि अधिकारी के अनुसार नुकसान रिपोर्ट अगले दो दिनों में तैयार हो जाएगी। वहीं मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घटों में फिर गर्जन के साथ बरसात होने की उम्मीद है। यानि अभी तक बरसात से फसलें प्रभावित होने का अंदेशा है। इससे किसान आशंकित है।